लगातार news24mumbai कालाबाजारी की खबर कर रहा प्रकाशित
राशनिंग विभाग के अधिकारी कालाबाजारी करने वालों पर गड़ाए हुए है नजर, कभी भी कर सकते हैं छापेमारी
मुंबई : जब से अमेरिका- इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू हुआ है, तभी से देशभर में घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता बरकरार रखने के लिए सरकार ने कमर्शियल गैस की आपूर्ति पर रोक लगाई थी और फिर समय-समय पर रोक हटाते हुए उसका आवंटन भी बढ़ाया और शिक्षण संस्थान, अस्पताल, सरकारी कैंटीन वगैरह में भी गैस की किल्लत न हो, इसके लिए भी निर्देश जारी किए। लेकिन, महाराष्ट्र में घरेलू गैस की कालाबाजारी जारी है। इन दिनों इसकी कालाबाजारी जोर-शोर से चल रही है। कमर्शियल गैस सिलिंडर के साथ-साथ सब्सिडी वाली 14 केजी की घरेलू गैस सिलिंडर भी 5000 से लेकर 7000 रुपए में ब्लैक में बेची जा रही है।
इधर, कालाबाजारी से संबंधित खबरें लगातार news24mumbai में प्रकाशित की जा रही है। 13 मार्च को भी हमने खबर प्रकाशित की थी कि अस्पताल के नाम पर निकलने वाले गैस सिलिंडर की हो रही कालाबाजारी। हालांकि हमने यह भी प्रकाशित किया था कि कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए राशनिंग विभाग के अधिकारी इस पर नजर गड़ाए हुए है और जांच की जा रही है, कभी भी छापेमारी हो सकती है।
बहरहाल, news24mumbai की कालाबाजारी से संबंधित खबर सच साबित हुई। क्योंकि, राशनिंग विभाग ने 27 मार्च को जिला पालघर के मुरसने में छापेमारी कर कालाबाजारी का भंडाफोड़ कर दिया और कालाबाजारी में शामिल धंधेबाज पर मामला दर्ज करते हुए कालाबाजारी में इस्तेमाल की जा रही वस्तुओं को जब्त कर लिया। कालाबाजारी का मामला वाडा पुलिस ठाणे में भी दर्ज करा दिया गया है। इतना ही नहीं मुंबई के कई ठिकानों पर अभी भी कालाबाजारी की जा रही है, जिस पर राशनिंग विभाग के अधिकारी नजर गड़ाए हुए है। कभी भी छापेमारी हो सकती है और कालाबाजारी का भंडाफोड़ हो सकता है।
घरेलू गैस सिलेंडरों से मोटर पंप की सहायता से अवैध रूप से व्यावसायिक सिलेंडरों में भरकर की जा रही थी कालाबाजारी
मुंबई के राशन वितरण नियंत्रक, नागरिक आपूर्ति निदेशक एवं राज्य स्तरीय सतर्कता दल प्रमुख को राज्य में घरेलू गैस की कालाबाजारी की गुप्त सूचना मिल रही थी। इन अधिकारियों के निर्देश पर जिला पालघर आपूर्ति निरीक्षण अधिकारी कविता वंसत ने राशन वितरण नियंत्रक, नागरिक आपूर्ति निदेशक और सहायक राशन वितरण नियंत्रक (कार्यान्वयन) विभावरी अबगाड, मुख्य निरीक्षण अधिकारी नागनाथ हंगरगे और राशन वितरण निरीक्षक राजीव भेले, देवानंद थोरवे, पवन कुंभले और राजेश सोराटे के साथ दो पंचों की उपस्थिति में भीवाड़ी वाडा राजमार्ग पर होटल शिवम इन के बगल में स्थित गुटा वाजांग काटा के सामने, बुद्ध विहार की ओर, गुसरने गांव रोड पर, लगभग 500 से 800 मीटर की दूरी पर, पालघर जिले के वाडा तालुका में एक सीमेंट शीट शेड में 27 मार्च को दोपहर साढ़े बारह बजे छापेमारी की। छापा मारने पर पता चला कि यहां सरकारी सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलेंडरों से मोटर मशीन की सहायता से अवैध रूप से व्यावसायिक सिलेंडरों में भरकर, उनका भंडारण कर सीधे कलाबाजार में बेचा जा रहा था।

15 हजार मासिक वेतन पर कार्यरत थे मजदूर
छापा मारने पर वहां तीन मजदूर कार्यरत दिखे जिसका नाम कैलाश लक्ष्मण राठौड़, धनराज दयानंद मखाने, प्रवीण बलिराम पवार बताया गया। तीनों से जब पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वे पिछले एक महीने से उक्त स्थान पर काम कर रहे हैं और इसके लिए उन्हें उक्त व्यवसाय के मालिक देवा शंकर पवार से 15000 रुपये प्रति माह वेतन मिल रहा है।
इन तीनों के साथ गोदाम के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि घरेलू उपयोग के लिए लगभग 91 खाली गैस सिलेंडर (प्रत्येक 14 किलो का), 5 किलो के सिलेंडर सहित कुल लगभग 75 खाली गैस सिलेंडर गोदाम में मौजूद थे। इसके अलावा, गैस सिलेंडरों को फिर से भरने के लिए आवश्यक 3 विद्युत कनेक्शन वाला एक उच्च दबाव वाला ट्रिपलेक्स पावर पंप भी था, जो 3 नोजल पाइपों से जुड़ा था, साथ ही 2 बंद मोटर मशीनें और 6 इलेक्ट्रॉनिक वजन मापने वाले तराजू और सिलेंडर सील (स्टिक) भी मौजूद थे।

पूछताछ में उनलोगों ने बताया कि इन गैस सिलेंडरों के भंडारण से संबंधित कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। उक्त स्थान पर अवैध रूप से रखे गए गैस सिलेंडरों के स्टॉक के बारे में पूछताछ की गई, तो बताया गया कि उक्त स्थान पर सरकारी सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलेंडरों को व्यावसायिक गैस सिलेंडरों में फिर से भरने के लिए 3 नोजल पाइपों की सहायता से विद्युत कनेक्शन वाले एक उच्च दबाव वाले ट्रिपलेक्स पावर पंप का उपयोग किया जा रहा है। उक्त गैस सिलेंडरों के मालिक देवा शंकर पवार उन्हें एक वाहन की मदद से इस स्थान पर लाते हैं। इसके बाद घरेलू गैस सिलेंडरों से 5 और 19 किलोग्राम के व्यावसायिक गैस सिलेंडरों में भरे जाते हैं। फिर, मालिक स्वयं भरे हुए सिलेंडर ले जाता है। मजदूरों ने बताया कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि स्टॉक कहाँ से आता है या रिफिल किया हुआ स्टॉक कहाँ बेचा जाता है।

पुलिस की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
छापामारी के दौरान घटनास्थल पर कानून-व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए पुलिस टीम मौजूद थी, जिसमें वाडा पुलिस स्टेशन के पुलिस कांस्टेबल विष्णु वैजिनाथ कोली, वी. एन. डुक्ले शामिल थे।
जब्त की गई वस्तुओं का विवरण
घरेलू उपयोग के लिए भारतीय कंपनी के 4 खाली 14 किलो के सिलेंडर (2200 रुपये प्रति सिलेंडर) 91- कुल मूल्य 2,00,200/-
02) हिमाचल प्रदेश कंपनी के 19 किलो के खाली गैस सिलेंडर व्यावसायिक उपयोग के लिए (2500/- रुपये प्रति सिलेंडर) 03-7,500/-
03) हिमाचल प्रदेश कंपनी के 05 किलो के खाली गैस सिलेंडर व्यावसायिक उपयोग के लिए। (600/- रुपये प्रति सिलेंडर) 45-27,000/-
04) भारत गैस कंपनी के 05 किलो के खाली गैस सिलेंडर व्यावसायिक उपयोग के लिए। (600/- रुपये प्रति सिलेंडर) 29-17,400/-
05) इंडियन कंपनी के 05 किलो के खाली गैस सिलेंडर व्यावसायिक उपयोग के लिए। (प्रति सिलेंडर 600/- रुपये) 01-600/-
06) इंडियन कंपनी के 19 किलो के खाली गैस सिलेंडर व्यावसायिक उपयोग के लिए। (प्रति सिलेंडर 2500/- रुपये) 01-2,500/-
07) गोगास कंपनी के 19 किलो के खाली गैस सिलेंडर व्यावसायिक उपयोग के लिए। (प्रति सिलेंडर 2500/- रुपये)
01- 2,500/-
08) 02 लक्ष्मी कंपनी का उच्च दाब वाला ट्रिपलेक्स पावर पंप, विद्युत कनेक्शन सहित, जिसमें 03 नोजल पाइप हैं।
(पंप के अनुसार 18,000/- रुपये) 02-36000/-09)01 आदि शक्ति कंपनी का उच्च दाब वाला ट्रिपलेक्स पावर पंप, विद्युत कनेक्शन सहित, जिससे 03 नोजल पाइप जुड़े हुए हैं। 01-18000/-
10) बंद मोटर पंप (8000/- रुपये प्रति पीस) 2-16000/- 11) इलेक्ट्रॉनिक वजन मापने का पैमाना (1500/- रुपये प्रति पीस)-06-9000/-
12) सील लगाने का स्टिकर – 400-00/- जब्त की गई वस्तुओं का कुल अनुमानित मूल्य 3,36,700/- रुपये है (शब्दों में: तीन लाख छत्तीस हजार सात सौ रुपये मात्र)।
छापामारी दल ने जब्त किए गए सिलेंडरों का स्टॉक नरेश धोंडू पाटिल, जो श्री करण इंडेन रूरल गैस डिस्ट्रीब्यूटर, पोसिरी के मालिक हैं, को सौंप दिया।
अवैध रूप से किया जा रहा भंडारण और बिक्री

छापामारी में शामिल अधिकारियों ने पाया गया कि उक्त स्थान पर बिना किसी सरकारी लाइसेंस के अवैध रूप से गैस सिलेंडर खरीदे जा रहे थे, जिनका उद्देश्य अधिक लाभ कमाना और निजी वित्तीय लाभ के लिए उन्हें अवैध रूप से भंडारित करना था। उसी स्थान से, बिजली कनेक्शन वाले एक उच्च दबाव वाले ट्रिपलेक्स पावर पंप का उपयोग करके घरेलू गैस सिलेंडरों से 3 नोजल पाइपों की सहायता से गैस निकाली जाती थी, उसे व्यावसायिक गैस सिलेंडरों में भरकर काला बाजार में बेचा जाता था। चूंकि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट था कि व्यवसाय के स्वामी देवा शंकर पवार, कर्मचारी धनराज मखाने, प्रवीण पवार और कैलाश राठौड़, साथ ही व्यवसाय परिसर के स्वामी ने आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 और उसके अंतर्गत लागू विभिन्न संवैधानिक आदेशों का उल्लंघन किया है, इसलिए मौके से जब्त किए गए सिलेंडर और बिजली कनेक्शन वाले 3 उच्च दबाव वाले ट्रिपलेक्स पावर पंप, नोजल पाइप और 2 बंद मोटर पंपों के भंडारण को सुरक्षा की दृष्टि से जब्त कर लिया गया। करण इंडेन ग्रामीण गैस वितरक, पोसिरी के स्वामी नरेश धोंडू पाटिल ने सुपुर्दगी पत्र पर हस्ताक्षर किए और उपर्युक्त जब्त की गई वस्तुएं इस शर्त पर सौंप दीं कि अगले आदेश प्राप्त होने तक इन्हें किसी भी प्रकार से नष्ट नहीं किया जाएगा। साथ ही, घटनास्थल से बरामद सिलेंडर सील (स्टिक) और आरोपी को पुलिस को सौंप दिया गया।
वाडा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज
पालघर जिला आपूर्ति निरीक्षक कविता वंसत ने वाडा पुलिस स्टेशन में अनधिकृत परिसरों में गैस सिलेंडरों के भंडारण और अवैध रूप से पुनःभरने के मामले में, उक्त व्यवसाय के स्वामी देवा शंकर पवार, साथ ही कर्मचारी धनराज मखाने और कैलाश राठौड़, प्रवीण पवार और व्यवसाय परिसर के मालिकों पर धारा 2, उपधारा 1, धारा 3, उपधारा 1, धारा 4, उपधारा 1, धारा 7, उपधारा 1, एबीसी, और धारा 2, पी, 3, 4, उपधारा 1, धारा 4, उपधारा 1, एबीसी, और धारा 7, उपधारा 1 के प्रावधानों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करा दिया है। मामले के जांच अधिकारी भगवंत चौधरी हैं।
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