मुंबई : दवाओं के मिलते-जुलते ब्रांड नाम और पैकेजिंग नियमों के उल्लंघन के मामले में महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने कैडिला फार्मास्युटिकल्स के खिलाफ कार्रवाई की है। FDA ने कंपनी के ठाणे, पुणे और नागपुर स्थित गोदामों को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई दवाओं के नाम और उनकी पैकेजिंग से मरीजों तथा स्वास्थ्यकर्मियों के बीच संभावित भ्रम को लेकर की गई है।
एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने कहा कि दवाओं के ब्रांड नाम से मरीजों, डॉक्टरों या डिस्ट्रीब्यूटर्स को किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि दवा खरीदते समय लेबल पर लिखे जेनेरिक नाम और स्ट्रेंथ को जरूर देखें और केमिस्ट से डॉक्टर के पर्चे के अनुसार ही दवा देने को कहें।
अधिकारियों के अनुसार, कंपनी Aciloc ब्रांड के तहत अलग-अलग एक्टिव इंग्रीडिएंट्स वाली दवाओं का विपणन कर रही थी। इनमें Aciloc और Aciloc+ के नाम में केवल ‘+’ का अंतर है। FDA का मानना है कि दोनों नामों में मामूली अंतर होने के कारण दवा की पहचान को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है और गलत दवा दिए जाने का जोखिम बढ़ सकता है।
FDA ने पैकेजिंग और ब्रांड नाम से जुड़े नियमों के अनुपालन को लेकर कंपनी के संबंधित गोदामों के खिलाफ यह कदम उठाया है। अधिकारियों का कहना है कि दवाओं के नाम और पैकेजिंग इस तरह होनी चाहिए कि अलग-अलग संरचना वाली दवाओं की स्पष्ट पहचान हो सके और किसी तरह की गलतफहमी की गुंजाइश न रहे।
FDA की इस कार्रवाई को दवा कंपनियों के लिए ब्रांड नाम, लेबलिंग और पैकेजिंग संबंधी नियमों के सख्ती से पालन का संकेत माना जा रहा है।