ऑरेंज गेट से लेकर मरीन ड्राइव तक 9.96 किलोमीटर बनाई जा रही है शहरी सुंरग
मुंबई : मुंबई में ऑरेंज गेट से लेकर मरीन ड्राइव तक 9.96 किलोमीटर एक शहरी सुंरग बनाई जाएगी। इस सुरांग के बन जाने ऑरेंज गेट से मरीन ड्राइव की दूरी 10 मिनट में तय की जा सकेगी।
बुधवार, 2 दिसंबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) के बहुप्रतीक्षित अर्बन टनल प्रोजेक्ट की शुरुआत की।
अब मुंबई को कोस्टल रोड, अटल ब्रिज और मेट्रो एक्सपेंशन के बाद अर्बन टनल की सौगात मिल रही है।
सीएम फडणवीस ने बटन दबाकर टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) को लांन्च किया। इस योजना पर 8,056 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
टनल को लांच करने के बाद सीएम फडणवीस ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से मुंबई के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इतना ही नहीं मौजूदा ट्रैफिक पर भी फर्क पड़ेगा। अभी ईस्टर्न फ्रीवे की वजह से लोग ईस्टर्न सबर्ब्स से साउथ मुंबई 20-25 मिनट में पहुंच सकते हैं, लेकिन आगे के सफर के लिए उन्हें आधे से 15 मिनट तक ट्रैफिक जाम में फंसना पड़ता था। इसके साथ ही वेस्टर्न सबर्ब्स और साउथ मुंबई के लोगों को नवी मुंबई एयरपोर्ट के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता था। इसी समस्या के समाधान के तौर पर ऑरेंज गेट टनल का कॉन्सेप्ट बनाया गया था।
सीएम फडणवीस ने कहा कि पहले इस जगह पर फ्लाईओवर बनाने का सोचा गया था, लेकिन जगह की कमी और भारी ट्रैफिक के कारण यह मुमकिन नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि यह इलाका मोहम्मद अली रोड फ्लाईओवर से ज्यादा घनी आबादी वाला है, इसलिए टनल ही एकमात्र प्रैक्टिकल और सुरक्षित ऑप्शन है। यह टनल करीब 700 प्रॉपर्टी, एक सौ साल पुरानी हेरिटेज बिल्डिंग, साथ ही वेस्टर्न और सेंट्रल रेलवे लाइन के नीचे से गुजरेगी। खास बात यह है कि यह टनल मेट्रो-3 से 50 मीटर नीचे खोदी जाएगी। सीएम ने कहा कि यह प्रोजेक्ट एक तरह से ‘इंजीनियरिंग का कमाल’ होगा।
प्रोजेक्ट के दिसंबर 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है, और इसे छह महीने पहले पूरा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस काम की ज़िम्मेदारी एक जानी-मानी कंपनी L&T को दी गई है। अगले साल वर्ली-शिवडी सी-लिंक और कोस्टल रोड कनेक्शन खुलने के बाद, पश्चिमी इलाकों के लोगों के पास नवी मुंबई एयरपोर्ट जाने के लिए भी दो ऑप्शन होंगे। इसलिए, इस प्रोजेक्ट से लोगों के हज़ारों घंटे बचेंगे, और आज मुंबई के ट्रैफिक के लिए एक ऐतिहासिक दिन है।
उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह टनल ईस्ट और वेस्ट मुंबई को जोड़ेगी और लाखों लोगों का आने-जाने का समय बचाएगी। जैसे मेट्रो 3, मेट्रो 2A, मेट्रो 7 जैसे प्रोजेक्ट्स ने शहर को राहत दी, वैसे ही यह अंडरग्राउंड टनल भी ट्रांसपोर्ट सिस्टम की सूरत बदल देगी। क्योंकि यह टनल मेट्रो 3 के नीचे से गुजरती है, इसलिए यह कटिंग-एज टेक्नोलॉजी का सबसे अच्छा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से फ्यूल की बचत होगी। प्रदूषण कम होगा और ऑफिस आने-जाने में बहुत समय बचेगा।
प्रोजेक्ट की लागत: 8056 करोड़ रुपए होगी। 54 महीने में पूरी की जाएगी।
यह भारत का पहला शहरी टनल प्रोजेक्ट है और यह घनी आबादी वाले इलाके के नीचे से और सेंट्रल, वेस्टर्न रेलवे और मुंबई मेट्रो लाइन 3 (एक्वा लाइन) से 50 m नीचे से गुज़रता है। प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 9.96 km है, जिसमें से लगभग 7 km सबवे के नीचे है।
हर टनल में 3.2 मीटर चौड़ी 2 लेन, 1 लेन इमरजेंसी रोड है। दोनों टनल में स्पीड लिमिट 80 किमी/घंटा है। सुरक्षा कारणों से दोनों टनल एक-दूसरे से 300 मीटर की दूरी पर क्रॉसपास से जुड़ी होंगी।
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने बताया कि ठाणे, नवी मुंबई से अटल सेतु के जरिए आने वाला बहुत सारा ट्रैफिक फ्रीवे एग्जिट के पास फंस जाता है। अटल सेतु जिसका पहले उद्घाटन हुआ था। उसका ट्रैफिक अब यहां आ रहा है। यह नई टनल इस जाम को काफी हद तक कम कर देगी। डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि मरीन ड्राइव, चर्चगेट और कोस्टल रोड जाने वाले ड्राइवरों को बड़ी राहत मिलेगी।