माहुल के एजिस लॉजिस्टिक्स लिमिटेड के पेट्रोलियम टर्मिनल प्रोजेक्ट पर पर्यावरणीय उल्लंघन का बढ़ता जा रहा है मामला

NGO की संयुक्त जांच में बाधा डालने का आरोप

मुंबई : चेंबूर के माहुल क्षेत्र में बॉम्बे पोर्ट ट्रस्ट (BPT) की कब्जा वाली समुद्र किनारे स्थित जमीन पर एजिस लॉजिस्टिक्स लिमिटेड द्वारा निर्माणाधीन पेट्रोलियम स्टोरेज टर्मिनल को लेकर गंभीर पर्यावरणीय क्षति और कानूनी उल्लंघन की शिकायतें लगातार गर्माती जा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, जिलाधिकारी एवं उपविभागीय अधिकारी के आदेशानुसार दिनांक 26 सितंबर 2025 को तहसीलदार कुर्ला ने एक संयुक्त जांच आयोजित की गई थी। इस जांच में RCF पुलिस, BMC, वन विभाग, ग्राम महसूल अधिकारी तथा अन्य विभागों के अधिकारियों को सम्मिलित किया गया था।

हालांकि, जांच के दौरान एजिस लॉजिस्टिक्स लिमिटेड के एक वरिष्ठ अधिकारी एवं उनके कथित माहुल गांव के गुर्गों और माफिया द्वारा शिकायतकर्ताओं को अप्रत्यक्ष रूप से धमकाकर जांच में बाधा डालने का प्रयास किया गया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जांच स्थल पर उपस्थित नेतृत्व कर रहे सर्कल अधिकारियों ने जांच को स्थगित करते हुए 6 अक्टूबर के लिए नई तिथि निर्धारित की थी तथा इस संबंध में पंचनामा तैयार कर NGO का नेतृत्व कर रहे संदीप शुक्ला को एक कॉपी सुपुर्द किए थे।

शिकायतकर्ताओं द्वारा निरंतर फॉलोअप के पश्चात कुर्ला तहसीलदार द्वारा 9 अक्टूबर 2025 को पुनः संयुक्त जांच के निर्देश जारी किए गए हैं और सभी संबंधित विभागों को उपस्थिति के लिए पत्र प्रेषित किए गए हैं।

इस संबंध में, NGO ग्रुप प्रतिनिधि श्री संदीप शुक्ला द्वारा RCF पुलिस थाने को लिखित रूप से पत्र भेजकर जांच स्थल पर पर्याप्त पुलिस सुरक्षा की मांग की गई है, ताकि जांच निष्पक्षता से संपन्न हो सके और शिकायतकर्ताओं NGO की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

 

शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि 26 सितंबर को पूर्व सूचना देने के बावजूद भी RCF पुलिस की जांच स्थल पर गैर-मौजूदगी ने RCF थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। साथ ही, Google सैटेलाइट मैप पर निर्माणाधीन टर्मिनल की अदृश्यता से यह संदेह और गहराया है कि निर्माण कार्य को जानबूझकर छुपाया जा रहा है। इस पूरे प्रकरण में अनियमितता, भ्रष्टाचार, भारी रिश्वतखोरी, तथा कुछ विभागों के नरम रवैये की आशंका भी जताई जा रही है।

शिकायतकर्ताओं NGO द्वारा एजिस लॉजिस्टिक्स लिमिटेड व अन्य सभी सरकारी संबंधित पक्षों को कानूनी नोटिस जारी करते हुए मामला NGT (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण), पुणे बेंच में ले जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
सूत्रों की मानें तो NGO समूह में शामिल कुछ कानूनी जानकार सदस्य भारतीय नागरिक संहिता (BNSS) की धारा 175 के अंतर्गत कुर्ला न्यायालय में फौजदारी याचिका दाखिल कर मजिस्ट्रेट के आदेश से FIR दर्ज कराने की दिशा में गोपनीय रूप से कार्य कर रहे हैं।

यदि ऐसा होता है, तो एजिस लॉजिस्टिक्स लिमिटेड के निदेशक, अधिकारी, ठेकेदार एस.पी. इंटरप्राइजेज, तथा संबंधित “मिट्टी माफिया” के खिलाफ क्रिमिनल FIR दर्ज होने की संभावना बन सकती है, जिसके तहत पुलिस द्वारा जांच, गिरफ्तारी, एवं उल्लंघन से जुड़े उपकरणों, यंत्रों, वाहनों और मशीनों की जब्ती की कार्रवाई हो सकती है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या एजिस लॉजिस्टिक्स लिमिटेड, जो अब तक कुछ प्रभावशाली राजनीतिक व माफिया तत्वों का समर्थन प्राप्त करता रहा है, नियम कानून तथा जन हित और पर्यावरणीय उल्लंघनों के प्रति जवाबदेह बनता है या नहीं, और क्या NGO समूह इस मामले को फौजदारी न्यायालय एवं हरित प्राधिकरण पीठ में ले जाकर वास्तविक कार्रवाई तक पहुंचाता है।

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