मुंबई : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिवंगत गैंगस्टर इकबाल मिर्ची और उसके परिवार से जुड़े एक मामले में मुंबई के वर्ली स्थित तीन प्रमुख इमारतों समेत 700.27 करोड़ रुपये मूल्य की उनकी संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि कुर्क की गई संपत्तियों में मुंबई के वर्ली स्थित राबिया मेंशन, मरियम लॉज और सी व्यू शामिल हैं, जिनका मूल्य लगभग 497 करोड़ रुपये आंका गया है। इसके अलावा दुबई में स्थित लगभग 203.27 करोड़ रूपये मूल्य की विदेशी संपत्तियों को भी भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओए) के प्रावधानों के तहत कुर्क किया गया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुसार, यह कार्रवाई मुंबई पुलिस द्वारा इकबाल मोहम्मद मेमन उर्फ इकबाल मिर्ची के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), शस्त्र अधिनियम, टाडा (आतंकवादी और विध्वंसकारी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) और मादक पदार्थ पर रोकथाम से संबंधित ‘एनडीपीएस’ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई कई प्राथमिकी के आधार पर की गई है।
ईडी ने आरोप लगाया कि इकबाल मिर्ची संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल था। इनमें मादक पदार्थों की तस्करी, रंगदारी वसूली और अवैध हथियारों से जुड़ी गतिविधियां शामिल थीं। मिर्ची ब्रिटेन भाग गया था। जांच एजेंसी ने कहा कि धन शोधन जांच से पता चला है कि इन गतिविधियों के माध्यम से अपराध की आय का कथित तौर पर मिर्ची द्वारा नियंत्रित परिवार के सदस्यों, सहयोगियों और कंपनियों-संगठनों के नाम पर भारत और विदेश में संपत्तियों की खरीद के नाम पर इस्तेमाल किया गया।
1986 के इतिहास को खंगालने पर ED ने पाया कि मिर्ची ने मूल रूप से वर्ली के ये प्लॉट ‘सर मोहम्मद यूसुफ ट्रस्ट’ से एक पार्टनरशिप फर्म के माध्यम से 6.5 लाख रुपये में खरीदे थे। सरकारी कुर्की से बचने के लिए, कथित तौर पर 1991 में एक ‘देखभालकर्ता समझौता’ (Caretaker Agreement) तैयार किया गया था, जिसके तहत ट्रस्ट को संपत्ति का मालिक दिखाया गया, जबकि असल नियंत्रण इकबाल मिर्ची के पास ही रहा। वर्तमान में, लगभग 5,000 वर्ग मीटर में फैले इन प्लॉटों की कीमत 497 करोड़ रुपये आंकी गई है। ED ने परिवार के रियल एस्टेट पोर्टफोलियो की ओर भी इशारा किया, जिसमें दुबई में पैसा भेजा गया था। इनमें सबसे महंगा ‘होटल मिडवेस्ट अपार्टमेंट’ है, जो बुर दुबई में स्थित है और इसकी कीमत AED 9.3 करोड़ (लगभग 233 करोड़ रुपये) है। इसका मालिकाना हक परिवार के सदस्यों के बीच बंटा हुआ है। जुनैद और आसिफ, दोनों के पास 40-40 प्रतिशत की हिस्सेदारी है, जबकि बाकी 20 प्रतिशत हिस्सेदारी हाजरा के पास है।
2021 में, अदालत ने इकबाल मिर्ची की पत्नी हजरा और बेटों आसिफ तथा जुनैद को FEO अधिनियम के तहत ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित कर दिया था, क्योंकि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में समन जारी होने के बावजूद वे भारत नहीं लौटे थे। इस अधिनियम के तहत, अदालत को संपत्तियों को जब्त करने का आदेश देने का अधिकार प्राप्त है।
एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रस्ट ने इकबाल मिर्ची के साथ मिलकर अदालत के समक्ष तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया और पिछली कुर्की कार्यवाही से संपत्तियों को मुक्त कराने के लिए महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी माना जाने वाला और 1993 के मुंबई के सिलसिलेवार बम विस्फोट मामले में आरोपी इकबाल मिर्ची की 14 अगस्त 2013 को लंदन में 63 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई।