मुंबई : बृहन्मुंबई महानगरपालिका के बीजेपी पार्षद तेजिंदर सिंग तिवाना ने अपने एक फैसले से सबको चौंका दिया है। बिरले ही लोग ऐसा निर्णय ले पाते हैं। तिवाना ने पार्षद मद में बीएमसी से मिलने वाले वेतन और भत्ते को नहीं लेने का फैसला किया है। तिवाना ने मुंबई की मेयर रितु तावड़े को एक पत्र देकर अपना यह फैसला बताया है। तिवाना मुंबई के वार्ड 47 के पार्षद हैं और जनहित का हवाला देते हुए पूरा वेतन और भत्ता महापौर निधि को समर्पित करेन का ऐलान किया है।
बीएमसी के एक पार्षद को वर्तमान में प्रति माह लगभग 25,000 से 30,000 रुपये का मासिक मानदेय मिलता है। साथ ही महासभा, स्थायी समिति या अन्य समितियों की बैठकों में शामिल होने के लिए प्रति बैठक लगभग 500 से 1,000 रुपये का भत्ता अलग से दिया जाता है।
तिवाना ने एक बयान में कहा है कि नगरसेवक का अर्थ ही है कि जो नगर की सेवा करे, और यह सेवा निस्वार्थ भाव से होनी चाहिए। तिवाना के अनुसार जनसेवा मेरे लिए एक संकल्प है। मेरा मानना है कि जनप्रतिनिधि का पहला कर्तव्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है। इसी भावना से मैंने अपने पूरे कार्यकाल का मानधन और सभी भत्ते महापौर निधि को समर्पित करने का निर्णय लिया है।