मुंबई : टैरो कार्ड रीडिंग करने वाली एक महिला को फर्जी मामलों में फंसाने की धमकी देने के आरोप में मुंबई के आरे कॉलोनी पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें रिटायर्ड पुलिसकर्मी, पत्रकार, नशा मुक्ति केंद्र संचालक और सामाजिक कार्यकर्ता जैसे अलग-अलग पेशों से जुड़े लोग शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार लोगों में से कविता यादव दहिसर में नशा मुक्ति केंद्र चलाती है। स्वप्नाली खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताती थी। प्रदीप पाठक पत्रकार और एरिक वेगस रिटायर्ड पुलिसकर्मी है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 3 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने 40 वर्षीय टैरो कार्ड रीडिंग का काम करने वाली महिला को निशाना बनााया। उसे आरे कॉलोनी स्थित एक बंगले में रीडिंग के लिए बुलाया गया । आरोप है कि 15 फरवरी की शाम जब वह वहां पहुंची, तो आरोपियों ने उसको धमकाना शुरू कर दिया। यहां तक की आरोपियों ने खुद को पुलिस, पत्रकार और नशा मुक्ति केंद्र संचालक बताते हुए महिला को देह व्यापार और ड्रग्स के झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी दी।
पीड़िता का दावा है कि उसको आरोपियों ने 2 लाख रुपये देने के लिए मजबूर भी किया। गिरफ्तारी के डर से घबराई महिला ने आरोपियों के बताए बैंक खाते में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कर दिए। बाद में महिला ने इसकी शिकायत आरे पुलिस में कर दी।
पुलिस ने जांच के दौरान जिस बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए थे, उसके धारक फरहान कादरी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि उसने केवल अपना बैंक खाता इस्तेमाल के लिए दिया था। लेकिन पुलिस इस सुराग के आधार पर मुख्य आरोपियों तक पहुंच गई।