‘वोट चोरी’ के आरोप में पीएम मोदी और अमित शाह को कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा : राहुल गांधी
नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित जनसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह को इस मामले में कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वोट का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और इसके साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जा सकती। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि चुनावी व्यवस्था में गड़बड़ियों के जरिए जनता के जनादेश को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर चुप नहीं बैठेगी और लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को निशाने पर लेते हुए कहा कि कथित वोट चोरी के मामले में जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
रामलीला मैदान की सभा को कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मताधिकार की रक्षा के मुद्दे पर अपनी राजनीतिक लड़ाई को मजबूत करने के प्रयास के रूप में पेश किया। पार्टी नेताओं ने इस दौरान कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

हालांकि, राहुल गांधी के आरोप राजनीतिक आरोप हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ इन आरोपों के संबंध में किसी कानूनी कार्रवाई या दोषसिद्धि की पुष्टि संबंधित आधिकारिक जानकारी से ही की जा सकती है।
राहुल गांधी के प्रमुख आरोप और बयान
राहुल गांधी ने कहा कि पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव को कथित वोट चोरी से प्रभावित बताते हुए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने दावा किया कि चुनाव के बाद मतदाता सूची से करीब 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि लोकसभा चुनाव में एनडीए और विपक्ष के बीच मत प्रतिशत का अंतर लगभग तीन फीसदी था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए विपक्ष अपनी लड़ाई जारी रखेगा ।राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनावी अनियमितताओं के कारण आम नागरिकों के मताधिकार और लोकतांत्रिक आवाज को नुकसान पहुंचा है।
इंडिया गठबंधन की महारैली
रामलीला मैदान में आयोजित ‘चलो दिल्ली’ रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत इंडिया गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विरोध जताया गया।
राहुल गांधी ने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल की आवाज नहीं, बल्कि युवाओं, किसानों और मजदूरों की आवाज है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी व्यक्ति संविधान से बड़ा नहीं है और लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिशों का विरोध किया जाएगा।
भाजपा का पलटवार
राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर चुनावी हार के बाद लोकतंत्र को खतरे में बताने का आरोप लगाया। भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया और जनादेश पर सवाल उठाना विपक्ष की राजनीतिक रणनीति है।