सीएम देवेंद्र फडणवीस बोले- मुंबई पर दबाव घटाकर महाराष्ट्र के विकास का नया ग्रोथ इंजन बनेगा नैना क्षेत्र, पांच लाख हाई-सैलरी नौकरियों का लक्ष्य
मुंबई : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर बढ़ते आबादी और बुनियादी सुविधाओं के दबाव को कम करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने ‘थर्ड मुंबई’ यानी नैना क्षेत्र के विकास की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार की मौजूदगी में पनवेल तालुका के शिरढोण में नैना (नवी मुंबई एयरपोर्ट इन्फ्लुएन्स नोटिफाइड एरिया) के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि थर्ड मुंबई महाराष्ट्र के विकास का नया ग्रोथ इंजन बनेगी। यहां करीब 15 लाख रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें पांच लाख उच्च वेतन वाली नौकरियां होंगी।
225 वर्ग किलोमीटर में 94 गांवों का विकास
महाराष्ट्र में पहली मुंबई के बाद नवी मुंबई को दूसरी और नैना क्षेत्र को तीसरी मुंबई के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है। इसके लिए सिडको को विशेष नियोजन प्राधिकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नैना क्षेत्र करीब 225 वर्ग किलोमीटर में फैले 94 गांवों को समेटता है। सरकार की योजना इसे आधुनिक शहरी सुविधाओं, रोजगार और निवेश के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की है।
योजना के तहत यहां एजुसिटी, मेडिसिटी, स्पोर्ट्स सिटी, एरोसिटी और नॉलेज सिटी विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, विमानन और ज्ञान आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना है। सरकार ने इस परियोजना की परिकल्पना अगले 25 से 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर की है, ताकि भविष्य में बढ़ती आबादी और आर्थिक गतिविधियों का दबाव व्यवस्थित तरीके से संभाला जा सके।
चार पुलों का लोकार्पण, भूधारकों को संपत्ति पत्रक
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने चार महत्वपूर्ण पुलों का लोकार्पण भी किया और भूधारकों को संपत्ति पत्रक वितरित किए। इन पहलों को क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास और भूमि संबंधी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पुणे, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर की तरह ठाणे, नवी मुंबई, रायगढ़ और पालघर भी महाराष्ट्र के विकास के प्रमुख केंद्र बनेंगे। सरकार मुंबई, नवी मुंबई और थर्ड मुंबई को सड़क तथा मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने पर भी जोर दे रही है।
नैना परियोजना से नए निवेश, रोजगार और आधुनिक शहरी सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है। हालांकि, 15 लाख रोजगार का आंकड़ा सरकार का निर्धारित लक्ष्य है; इसे हासिल करने के लिए परियोजनाओं का समयबद्ध विकास, निवेश और परिवहन सुविधाओं का विस्तार महत्वपूर्ण होगा।