ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र पैसे लेकर लीक करने का आरोप, सरकारी अधिकारियों और बिचौलियों की भूमिका की जांच
मुंबई : महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक और सरकारी अधिकारी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रोहित कोलटक्के के रूप में हुई है। उसे शुक्रवार, 23 अक्टूबर को नवी मुंबई से पकड़ा गया। इस गिरफ्तारी के साथ मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी एमपीएससी में सहायक अनुभाग अधिकारी के पद पर कार्यरत था। पुलिस का आरोप है कि उसने आयोग के उपसचिव अभिजीत लेंडवे से कथित तौर पर 2.5 लाख रुपये में प्रश्नपत्र हासिल किया था। जांचकर्ताओं को संदेह है कि लीक किए गए प्रश्नपत्र को आगे अन्य लोगों तक पहुंचाकर पैसे कमाए गए। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने प्रश्नपत्र किन लोगों को दिया और इसके बदले कितनी रकम प्राप्त की।
गोपनीय विभाग से प्रश्नपत्र बाहर निकालने का आरोप : पुलिस की जांच में कथित तौर पर सामने आया है कि आयोग के गोपनीय विभाग में कार्यरत सहायक अनुभाग अधिकारी विश्वेश्वर नकाटे ने प्रश्नपत्रों की प्रतियां तैयार कर उन्हें अवैध रूप से बाहर पहुंचाया। आरोप है कि इसके बाद उपसचिव अभिजीत लेंडवे के माध्यम से प्रश्नपत्र रोहित कोलटक्के तक पहुंचा। जांच एजेंसी इस कथित नेटवर्क में सरकारी अधिकारियों, कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोगों, बिचौलियों और अभ्यर्थियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
यह मामला 22 मार्च 2026 को आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में ग्रुप-बी के 154 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। जांच के दौरान कथित तौर पर सामने आया कि प्रश्नपत्र का एक हिस्सा परीक्षा से पहले ही कुछ लोगों तक पहुंच गया था। रिपोर्टों के अनुसार, परीक्षा में पूछे गए 297 प्रश्नों में से 77 प्रश्न लीक हुए प्रश्नपत्र के सेट से मेल खाते पाए गए।
मामले में पहले भी आयोग के अधिकारियों, कोचिंग संस्थान से जुड़े लोगों, बिचौलियों और अभ्यर्थियों समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अब कथित लेनदेन, प्रश्नपत्र के वितरण और इससे लाभ उठाने वाले लोगों की पहचान कर रही है। मामले में सामने आए आरोपों के बाद भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सवाल उठे हैं।
पेपर लीक विवाद के बीच महाराष्ट्र में एमपीएससी अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की जांच की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने भी कथित अनियमितताओं की जांच के लिए समिति गठित की है।
फिलहाल, क्राइम ब्रांच की जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।