मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, नंदुरबार से हुई गिरफ्तारी; अब तक सात आरोपी गिरफ्तार
मुंबई : महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-बी परीक्षा 2026 में कथित पेपर लीक मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऋतुजा पाटील को नंदुरबार स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया है। वह इस परीक्षा की मेरिट सूची में सातवें स्थान पर रही थी। उसकी गिरफ्तारी के साथ मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर सात हो गई है।
154 पदों के लिए हुई थी परीक्षा
ड्रग इंस्पेक्टर के 154 पदों के लिए परीक्षा 22 मार्च 2026 को आयोजित की गई थी। इसमें महाराष्ट्र भर से करीब 40 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। करीब दस साल के अंतराल के बाद ड्रग इंस्पेक्टर पद के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित होने के कारण बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने इसमें हिस्सा लिया था। बाद में प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आने के बाद पूरी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए।
कथित तौर पर परीक्षा से पहले पहुंचा था पेपर
क्राइम ब्रांच की जांच के अनुसार, ऋतुजा को कथित तौर पर परीक्षा के प्रश्नों की जानकारी पहले ही मिल गई थी। जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि उसे परीक्षा में 10 प्रश्न जानबूझकर गलत करने के लिए कहा गया था, ताकि उसके असामान्य रूप से बेहतर प्रदर्शन पर संदेह न हो। इसके बावजूद वह मेरिट सूची में सातवें स्थान पर पहुंच गई।
प्रेम संबंध टूटने के बाद खुला कथित पेपर लीक का राज
इस पूरे मामले में ऋतुजा और गौरव पाटील के बीच कथित संबंध भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बने हैं। पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच मोबाइल संदेशों से जांचकर्ताओं को पेपर लीक से जुड़े अहम सुराग मिले। बाद में दोनों के संबंध खराब हो गए और गौरव ने MPSC को परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत भेजी। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ता गया।
MPSC के तीन अधिकारी भी गिरफ्तार
इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों में MPSC के तीन अधिकारी भी शामिल हैं। इनमें अंडर सेक्रेटरी अभिजीत लेंडवे तथा असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर गोपाल मराठे और विश्वेश्वर नकटे के नाम सामने आए हैं। इसके अलावा नंदुरबार की कोचिंग अकादमी के निदेशक प्रवीण पाटील, अमृत पाटील और गौरव पाटील को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
अधिकारी का लैपटॉप भी बरामद
जांच में मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक MPSC अधिकारी का लैपटॉप भी बरामद किया है। रिपोर्टों के अनुसार यह लैपटॉप एक क्रीक से मिला और इसमें कथित रूप से लीक हुए परीक्षा प्रश्नों से संबंधित सामग्री होने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र किस स्तर से बाहर निकला और किस-किस व्यक्ति तक पहुंचा।
परीक्षा रद्द, दोबारा होगी भर्ती परीक्षा
पेपर लीक विवाद के बाद MPSC ने ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर नई स्क्रीनिंग परीक्षा कराने का फैसला किया है। पहले परीक्षा दे चुके उम्मीदवारों को दोबारा आवेदन करने या नई परीक्षा फीस जमा करने की जरूरत नहीं होगी, लेकिन उन्हें नई परीक्षा में फिर से शामिल होना पड़ेगा।
क्राइम ब्रांच की जांच जारी है। पुलिस अब कथित पेपर लीक की पूरी श्रृंखला, आर्थिक लेन-देन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में लगाए गए आरोप अभी जांच के अधीन हैं और आरोपियों की दोषसिद्धि अदालत द्वारा तय की जानी है।