
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में रोहन पारिख (24) और दिलीप कुंडे (40) शामिल हैं। पारिख ने कथित तौर पर फर्जी PMO पहचान-पत्र दिखाकर प्रवेश करने की कोशिश की, जबकि उसके साथ मौजूद कुंडे खुद को बॉडीगार्ड बता रहा था। सुरक्षा जांच के दौरान कुंडे के पास से पिस्टल और कारतूस बरामद हुए।
जांच में हथियार लाइसेंसी पाया गया है। पुलिस ने फर्जी पहचान-पत्र, आरोपियों की गतिविधियों और उनके मकसद की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल घटना का प्रधानमंत्री की सुरक्षा को सीधे निशाना बनाने से कोई संबंध सामने नहीं आया है। मामले में आगे की जांच जारी है।