₹7.99 करोड़ की कथित GST धोखाधड़ी में रोमी भगत समेत कई लोगों पर एफआईआर

कंपनी के करीब ₹11 करोड़ के टैक्स बकाये को निपटाने का झांसा देकर पूर्व अधिकारी से रकम ऐंठने का आरोप; EOW ने संभाली जांच

मुंबई : मुंबई के बांद्रा पुलिस थाने में कारोबारी हिरेन उर्फ रोमी भगत और उसके सहयोगियों के खिलाफ करीब ₹7.99 करोड़ की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि कंपनी के करीब ₹11 करोड़ के लंबित GST और अन्य व्यावसायिक कर दायित्वों को निपटाने का भरोसा देकर एक पूर्व कंपनी अधिकारी से बड़ी रकम हासिल की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने जांच अपने हाथ में ले ली है। बांद्रा पुलिस ने यह FIR 5 सितंबर 2026 को दर्ज की।

महामारी के दौरान बंद हुई थी कंपनी

शिकायतकर्ता की पहचान अमित प्रभाकर टिपनिस उम्र 50 वर्ष, के रूप में हुई है। वह पहले BWW Global Pvt Ltd में कंट्री मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान कंपनी का संचालन बंद हो गया था। कंपनी पर लगभग ₹11 करोड़ की टैक्स देनदारी लंबित थी।

इसी मामले को सुलझाने के नाम पर शिकायतकर्ता की कथित तौर पर रोमी भगत और उसके सहयोगियों से मुलाकात कराई गई।

टैक्स मामला सुलझाने का दिया भरोसा

शिकायत के अनुसार, 6 सितंबर 2023 को एक वकील के माध्यम से टिपनिस की मुलाकात रोमी भगत और उसके सहयोगी गुसा नामक व्यक्ति से कराई गई थी। आरोप है कि आरोपियों ने दावा किया कि वे कंपनी से जुड़े GST और अन्य कर संबंधी मामलों को निपटा सकते हैं।
आरोपियों ने कथित तौर पर पहले शिकायतकर्ता को कंपनी के एक अधिकारी सचिन अधिकारी के खिलाफ गुवाहाटी में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। इसके बाद टैक्स संबंधी देनदारियों को सुलझाने का भरोसा दिया गया।

करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी

शिकायतकर्ता का आरोप है कि टैक्स देनदारी समाप्त कराने और संबंधित सरकारी कार्रवाई से राहत दिलाने के नाम पर आरोपियों ने उससे बड़ी रकम ली। बाद में उसे पता चला कि जिस तरह से टैक्स मामले को निपटाने का भरोसा दिया गया था, वह कथित तौर पर धोखाधड़ी का हिस्सा था।
कुल मिलाकर शिकायत में करीब ₹7.99 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। बांद्रा पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया और अब इसकी आर्थिक अपराध शाखा द्वारा विस्तृत जांच की जा रही है।

EOW खंगालेगी पैसों का लेन-देन

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि शिकायतकर्ता से ली गई रकम किन खातों में गई, रकम का इस्तेमाल कहां किया गया और इस कथित धोखाधड़ी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच में बैंक खातों, वित्तीय दस्तावेजों और आरोपियों के बीच हुए लेन-देन की भी पड़ताल की जा सकती है।
पुलिस और EOW यह भी जांच रही है कि आरोपियों ने इसी तरीके से अन्य लोगों या कंपनियों को भी निशाना बनाया था या नहीं। पुलिस के अनुसार, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और आरोप सिद्ध होना अभी बाकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *