मुंबई। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के कथित प्रश्नपत्र लीक मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच एजेंसी कथित तौर पर प्रश्नों के लीक होने, उनके उम्मीदवारों तक पहुंचने और इस पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
मामले में अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच के दौरान कथित व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है। जांचकर्ताओं के अनुसार, कथित रूप से लीक हुए प्रश्नों और वास्तविक परीक्षा में पूछे गए सवालों के बीच समानता मिलने के बाद मामले की जांच तेज की गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ संदिग्धों से जुड़े डिजिटल उपकरणों और संवादों की जांच की जा रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक संदिग्ध द्वारा मोबाइल फोन खो जाने का दावा किए जाने की भी जांच की गई, जबकि कथित रूप से एक लैपटॉप बरामद होने के बाद मामले में महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना जताई गई है।
क्राइम ब्रांच इस बात की जांच कर रही है कि कथित प्रश्नपत्र आखिर किस स्तर से बाहर आया, किस माध्यम से प्रसारित हुआ और इसके बदले किसी प्रकार का आर्थिक लेन-देन हुआ या नहीं। मामले में जांच अभी जारी है और आगे और लोगों से पूछताछ या कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।