
पुलिस के मुताबिक, मामले का खुलासा अगस्त की शुरुआत में सेंट्रल इंटेलिजेंस यूनिट से मिली गोपनीय सूचना के बाद हुआ। संदिग्ध पासपोर्टों की जांच के लिए मुंबई और अहमदाबाद के रीजनल पासपोर्ट कार्यालयों से तकनीकी सत्यापन कराया गया। जांच में कई पासपोर्ट फर्जी बैंक स्टेटमेंट, पैन कार्ड और अन्य जाली दस्तावेजों के आधार पर बनवाए जाने की जानकारी सामने आई।
शकील शेख को 3 अगस्त को अंधेरी रेलवे स्टेशन इलाके से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के बाद पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों और उसके कथित वित्तीय नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिली। इसके बाद बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स के भारत नगर स्थित उसके घर की तलाशी में कई पासपोर्ट, बैंक से जुड़े दस्तावेज, आधार और पैन कार्ड तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह कथित तौर पर दूसरे लोगों की पहचान का इस्तेमाल कर पासपोर्ट तैयार कराता था। पुलिस को बच्चों के नाम पर भी पहचान बदलकर पासपोर्ट बनवाने के संकेत मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार, गिरोह के जरिए कई लोगों को अमेरिका और कनाडा भेजने की कोशिश की गई।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित धाराओं तथा पासपोर्ट एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। जांच एजेंसियां अब गिरोह से जुड़े एक दर्जन से अधिक संदिग्धों की तलाश कर रही हैं। पुलिस फर्जी पासपोर्टों की संख्या, विदेश भेजे गए लोगों और पूरे नेटवर्क में हुए पैसों के लेन-देन की भी जांच कर रही है।