जंतर-मंतर पर CJP का शक्ति प्रदर्शन, शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा विवादों के खिलाफ छात्रों-अभिभावकों का आक्रोश

NEET और परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे पर हजारों लोग जुटे; संस्थापक अभिजीत दिपके के परिवार ने सुरक्षा कारणों से छोड़ा घर

नई दिल्ली/मुंबई: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा अनियमितताओं और कथित पेपर लीक मामलों के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में देशभर से आए हजारों छात्र, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी, युवा पेशेवर और अभिभावक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा रद्द होने, प्रवेश प्रक्रिया में बढ़ती अनिश्चितता और जवाबदेही की कमी को लेकर नाराजगी जताई।

प्रदर्शन में शामिल अभिभावकों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था का संकट अब केवल छात्रों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित कर रहा है। तीन बेटियों के साथ प्रदर्शन में पहुंचीं नुसरत परवीन ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर भारी मानसिक दबाव है और अभिभावक भी उसी चिंता से गुजर रहे हैं।

प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना था कि परीक्षा रद्द होने और प्रवेश प्रक्रिया में अनिश्चितता के कारण उनकी मेहनत और भविष्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि शिक्षा धीरे-धीरे सेवा के बजाय कारोबार का रूप लेती जा रही है। युवाओं ने रोजगार और अवसरों की कमी को भी प्रमुख मुद्दा बताया।

दिल्ली की एक सामाजिक संस्था से जुड़ी वैशाली ने कहा कि भारत अपनी युवा आबादी पर गर्व करता है, लेकिन युवाओं की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि व्यवस्था में वास्तविक सुधार की जरूरत है।

अभिजीत दिपके के नेतृत्व में बढ़ा आंदोलन

इस प्रदर्शन का नेतृत्व अमेरिका के बोस्टन में रहने वाले CJP संस्थापक अभिजीत दिपके कर रहे हैं। दिपके ने NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक मामलों के खिलाफ देशव्यापी अभियान शुरू किया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।

दिपके की मुहिम को सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन मिला है। दावा किया जा रहा है कि CJP को कुछ ही दिनों में करोड़ों लोगों का समर्थन प्राप्त हुआ, जिसके बाद यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।

सुरक्षा कारणों से परिवार ने छोड़ा घर

प्रदर्शन से पहले महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) स्थित वालुज क्षेत्र में रहने वाले अभिजीत दिपके के परिवार ने सुरक्षा कारणों से अपना घर छोड़ दिया है। सूत्रों के अनुसार, परिवार के सदस्य सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं। इससे पहले सोशल मीडिया पर परिवार को कथित धमकियां मिलने की खबरें सामने आई थीं।

विवाद बढ़ने के बाद स्थानीय पुलिस ने वालुज स्थित दिपके परिवार के घर ‘शंकर सदन’ के बाहर सुरक्षा तैनात की थी। हालांकि परिवार फिलहाल अज्ञात स्थान पर है, जबकि घर पर पुलिस सुरक्षा जारी है।

दिपके के माता-पिता भगवानराव दिपके और अनीता दिपके ने पूर्व में सार्वजनिक रूप से अपने पुत्र से राजनीति से दूर रहने और करियर पर ध्यान देने की अपील की थी। वहीं, दिपके ने दावा किया है कि उनके आंदोलन को देशभर के छात्रों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा है कि प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना है।

जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है।

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