कार्यशाला का उद्देश्य संगठनात्मक ऊर्जा को बढ़ाना है : रामप्रवेश पांडेय

भारत विकास परिषद उत्तर झारखंड प्रांत की प्रांतीय कार्यशाला संपन्न

गिरिडीह : भारत विकास परिषद उत्तर झारखंड प्रांत की प्रांतीय कार्यशाला रविवार को सिटी क्राउन रिसॉर्ट सिहोडीह के सभागार में हुई। कार्यशाला की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। वंदे मातरम गान के बाद कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे प्रांतीय अध्यक्ष राम प्रवेश पांडेय ने यह कार्यशाला संगठनात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही है। भारत विकास परिषद से संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा और समर्पण के लिए जुड़ें और मानव की सेवा करें। रीजनल जॉइंट सेक्रेटरी दिनेश प्रसाद ने कार्यशाला के उद्देश्यों के बारे में बताया।

महिला सहभागिता के लिए दिया गया सम्मान।

रीजनल जेनरल सेक्रेटरी डॉ बाल्मीकि कुमार ने भारत विकास परिषद की विचारधारा, नियम, प्रोटोकाल और संचालन के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि परिषद में अनुशासन सबसे बड़ा है। अनुशासित होकर कार्य करने से सभी कार्यों में सफलता मिलती है।

कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते प्रांतीय संपर्क प्रमुख देवेंद्र सिंह।

प्रांतीय सेवा संयोजक शंकर दयाल सिंह ने कहा कि सेवा की भावना से ही भारत विकास परिषद का जन्म हुआ है। परिषद के तहत दिव्यांग सहायता केंद्र, अस्पताल संचालित है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के तहत भी कार्य किए जा रहे हैं। नशा मुक्ति के लिए सहायता केंद्र है।

कार्यशाला में गिरिडीह, कोडरमा, हजारीबाग, धनबाद, देवघर सहित अन्य जिलों से भी आए थे प्रतिभागी।

प्रांतीय संपर्क संयोजक अरविंद झा ने कहा कि सेवा को सही से अंजाम देने के लिए संपर्क करना जरूरी है। संपर्क से ही सारे कार्य संभव है। संपर्क कर सदस्यों की टोली बनाएं।
सेवा संस्कार संयोजिका भारती शर्मा ने कहा कि संस्कार से समाज, घर और व्यक्ति संस्कारित होते हैं।

प्रांतीय महिला सहभागिता संयोजिका जयंती सेठ ने कहा कि महिलाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास हो, इसके लिए महिलाओं को नेतृत्व दिया जाना चाहिए। बच्चों, युवाओं में संस्कार दें। लड़कियों के बीच कौशल विकास कराएं। उन्होंने स्वास्थ्य जागरूकता के साथ लड़कियों के लिए आत्मरक्षा शिविर लगाने पर जोर दिया।
पर्यावरण संयोजक शैलेन्द्र कुमार ने पर्यावरण को बचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यहां जो कुछ भी है प्रकृति का है। इसलिए प्रकृति की रक्षा जरूरी है।
मंच संचालन के रहे प्रांतीय वित्त सचिव अश्विनी तिवारी ने वित्त प्रबंधन, नेशनल मेंबर एच आर सिंह ने भारत विकास परिषद के ऐप, विकास रत्न डॉ एच एन भारद्वाज ने विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।
धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रांतीय संगठन सचिव राम रतन महर्षि ने सभी शाखाओं के कार्यों की प्रशंसा की और शाखाओं में गतिविधियां बढ़ाने पर जोर दिया।
कार्यशाला में हजारीबाग, कोडरमा, धनबाद, गिरिडीह, देवघर आदि के शाखा पदाधिकारियों के साथ विभिन्न दायित्वधारी भी शामिल थे। मौके पर विभिन्न गतिविधियों में सराहनीय कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया।
जी डी बगड़िया टीचर्स ट्रेनिंग स्कूल के छात्र-छात्राओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया।
कार्यशाला की सफलता के लिए गिरिडीह के प्रांतीय संपर्क प्रमुख देवेंद्र सिंह, संरक्षक उदय शंकर उपाध्याय, प्रदीप जैन, अध्यक्ष अजय कुमार, महासचिव राजीव सिन्हा, कोषाध्यक्ष रमेश सिन्हा, राजेंद्र सिंह पूंछिया, कुंवरजीत सिंह, गुरदीप सिंह, प्रमोद अग्रवाल, देवराज वर्णवाल आदि ने सराहनीय कार्य किया।

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