मुंबई : दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों में फिलहाल गैस की किल्लत तो नजर नहीं आ रही है, लेकिन 1 मई 2026 को जिस तरह से कमर्शियल एवं छोटू यानि 5 केजी वाले गैस सिलिंडर की कीमत बढ़ाई गई है, उससे रेस्टोरेंट, होटल वालों की परेशानी बढ़ गई है। दूसरी ओर यदि रेस्टोरेंट, होटल और छोटे-छोटे दुकानदार इस बढ़ी कीमत पर सिलिंडर लेकर अपना व्यवसाय चलाते हैं तो वस्तुओं की कीमत भी बढ़ जाएगी और फिर भोजन करने वाले ग्राहकों को महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी। मजदूर किस्म के लोगों की जितनी न कमाई होगी, उससे ज्यादा उसके खर्चे बढ़ जाएंगे। इसलिए एक बार फिर गैस सिलिंडर पर निर्भर रहने वाले व्यवसाई के प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है और पलायन की स्थिति पैदा हो गई है। व्यवसायियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि व्यवसाय तो चौपट हो ही गया है, अब मजदूर किस्म के लोगों को मरने की स्थिति बन रही है। सरकार को गैस सिलिंडर की कीमत तुरंत कम कर देनी चाहिए, नहीं तो हमलोगों का व्यवसाय ही बंद हो जाएगा और फिर लोगों को भूखे रहना पड़ेगा।
इधर, 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर का इस्तेमाल सबसे ज्यादा वो लोग करते हैं जिनके पास स्थाई ठिकाना नहीं होता या जो अकेले रहते हैं। अपना गांव-घर छोड़कर दूसरे राज्यों में मजदूरी करने वाले लोग इसी सिलेंडर पर निर्भर हैं। पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में रहने वाले छात्रों के मासिक खर्च में अब बड़ी बढ़ोत्तरी होगी।
कितनी बढ़ी कीमत
ज्ञात हो कि 1 मई को कमर्शियल गैस सिलेंडर और ‘छोटू’ यानी 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़ा दी गई है। खबरों के मुताबिक, दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों में 5 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में 261 रुपए प्रति सिलेंडर की भारी बढ़ोतरी की गई है। जो सिलेंडर कल तक 549 रुपए में मिलता था, उसकी कीमत अब बढ़कर ₹810 हो गई है। इससे पहले 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 993 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर 2,078.50 रुपए की बजाय अब 3,071.50 रुपए का मिलेगा। मुंबई में इसकी कीमत 3,024 रूपये हो गई है। यहां पहले 2031 रुपए कीमत थी। हालांकि, घरेलू सिलेंडर (14.2 kg): दरें 912.50 रुपए स्थिर हैं। छोटे सिलेंडर 5 kg वाले में 261 रुपए की वृद्धि गई है। अब 838 रुपए में मिल रहा है। जबकि पहले 577 रुपए में मिलता था।
1 मई से एलपीजी से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव
1 मई से देशभर में एलपीजी से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और गैस इस्तेमाल के तरीके पर पड़ेगा। सरकार ने दुरुपयोग रोकने और सब्सिडी को सही लोगों तक पहुंचाने के लिए अब उन परिवारों पर सख्ती शुरू कर दी है, जिनके पास एक साथ एलपीजी और पाइपलाइन (PNG) दोनों कनेक्शन हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को अब एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा, जिससे दोहरी सुविधा का लाभ खत्म हो जाएगा।
इसके साथ ही गैस सिलेंडर की डिलीवरी को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए ओटीपी आधारित डिलीवरी सिस्टम लागू किया गया है। यानी अब सिलेंडर तभी मिलेगा, जब ग्राहक डिलीवरी के समय ओटीपी बताएगा। वहीं, बुकिंग के नियम भी सख्त कर दिए गए हैं-शहरों में अब 25 दिन और गांवों में 45 दिन का अंतराल जरूरी होगा।