एलपीजी गैस की कमी को देखते हुए सभी को डीलर से मिलेगा केरोसिन

मुंबई : महाराष्ट्र विधान परिषद में कांग्रेस के अभिजीत बंजारी के पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने बताया कि ईरान-इस्राइल- अमेरिका युद्ध का असर एलपीजी के साथ-साथ खाद्य तेलों पर भी पड़ा है। युद्ध के कारण राज्य में मूंगफली, सरसों, वनस्पति तेल, सोयाबीन, सनफ्लावर और पाम ऑयल जैसे खाद्य तेलों में अधिकतम 6 रुपये प्रति लीटर यानी लगभग 3% की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में अस्थिरता की वजह से आयातित तेलों की कीमतों में वृद्धि हुई है। सरकार बाजार की स्थिति पर नजर रखे हुए है और आम जनता पर महंगाई का बोझ कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
मंत्री श्री भुजबल ने कहा कि 1 फरवरी से 11 मार्च के बीच राज्य में खाद्य तेलों के दाम में बढ़ोत्तरी हुई है। इस दौरान मूंगफली का तेल 188 रुपये से बढ़कर 194 रुपये प्रति लीटर, सरसों तेल 200 रुपये से 204 रुपये, सोयाबीन तेल 153 रुपये से 159 रुपये, सनफ्लावर तेल 172 रुपये से 178 रुपये, पाम तेल 145 रुपये से 148 रुपये प्रति लोटर हो गया।
मंत्री श्री भुजबल ने कहा कि राज्य में केरोसिन का पर्याप्त स्टॉक है। कोर्ट ने पहले निर्देश दिया था कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को केरोसिन देने की जरूरत नहीं है। अब हमने सबको केरोसिन देने के बारे में सूचित किया है। अब डीलर भी केरोसिन दे सकते हैं। BPCL, HPCL और IOCL कंपनियों के पंपों पर केरोसिन दिया जाएगा। राज्य में गैस की कमी को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है।
मंत्री के अनुसार, देश के सभी राज्यों के लिए पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति, नियंत्रण और दरें निर्धारित करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। मध्य पूर्व में युद्ध जैसी स्थिति को देखते हुए, केंद्र सरकार ने 5 मार्च, 2026 को तेल कंपनियों को आदेश जारी कर कहा कि वे एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू उपयोग के लिए करें ताकि ईंधन की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रहे। केंद्र सरकार ने 7 मार्च, 2026 से घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमत 852.50 रुपए से बढ़ाकर 912.50 रुपए कर दी है। इसी प्रकार, व्यावसायिक सिलेंडरों की कीमत 1,720.50 रुपए से बढ़ाकर 1,835.00 रुपए कर दी गई है। मंत्री भुजबल ने कहा कि राज्य सरकार ने ईंधन की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के लिए कई उपाय किए हैं।

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