कुर्ला-ट्रॉम्बे रेलवे लाइन के किनारे बसे झुग्गियों को हटाने पर रोक की मांग

उत्तर मध्य मुंबई सांसद ने लिखा रेल मंत्री को पत्र और कार्रवाई पर रोक की मांग की

मुंबई : मुंबई के कुर्ला-ट्रॉम्बे रेलवे लाइन के किनारे बसे झुग्गियों को खाली करने का नोटिस रेलवे विभाग ने दिया है।
रेलवे का कहना है कि यह कदम सुरक्षा और रेल संचालन में बाधा को देखते हुए उठाया गया है। नोटिस के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि झुग्गियों में रहनवालों की चिंता नेता, समाजसेवी और एनजीओ ने की है और रेलवे को पत्र लिखकर इस कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।
सूत्रों के अनुसार इन्हें 13 फरवरी तक मोहल्लत मिली है।
ज्ञात हो कि रेल प्रशासन ने 27 जनवरी 2026 को कुर्ला–ट्रॉम्बे रेल मार्ग पर स्थित 3154 झुग्गियों को हटाने के लिए नोटिस जारी किया। नोटिस के अनुसार झुग्गियों को हटाने की कार्रवाई 10 से 12 फरवरी के बीच किए जाने की बात सामने आई।

इस बीच मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रो. वर्षा एकता गायकवाड़ ने रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव को पत्र लिखकर झुग्गी हटाओ अभियान को तत्काल रद्द करने और प्रभावित परिवारों के लिए स्थायी पुनर्वास योजना लागू करने की मांग की है।
पत्र में वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि यह झुग्गी बस्ती दो दशकों से अधिक पुरानी है, जहां हजारों गरीब और जरूरतमंद परिवार रह रहे हैं। पूर्व में अदालतों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से ऐसी कार्रवाई को टाला गया था, लेकिन नए नोटिस से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के की गई कार्रवाई से हजारों परिवार रातों-रात बेघर हो जाएंगे। सांसद ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए किसी भी तोड़फोड़ से पहले पुनर्वास सुनिश्चित करने की अपील की है।


दूसरी ओर उत्तर मध्य मुंबई के सांसद वर्षा बाई को पत्र लिखकर आदर्श फाउंडेशन के अध्यक्ष सुजाता सावत ने भी इस कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि 10 अगस्त 2024 के हमारे पिछले पत्र के संदर्भ में, हमने आपसे बर्मा सेल रेलवे लाइन के निकट स्थित झुग्गीवासियों को स्थायी आश्रय प्रदान करने का अनुरोध किया था और तदनुसार, आपने 17 अगस्त 2024 को माननीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी से हमारी बस्ती के लोगों के लिए पत्राचार किया था। एक बार फिर 4 फरवरी 2026 को, मुंबई सीएसटी के वरिष्ठ मंडल अभियंता (एलएम) द्वारा हमारे समझौते के संबंध में एक नोटिस जारी किया गया है।
इस नोटिस के अनुसार, कुर्ला और ट्रॉम्बे के बीच रेलवे लाइन के किनारे स्थित झोपड़ियों को 10 फरवरी से 12 फरवरी के बीच ध्वस्त कर दिया जाएगा। सुजाता सावत ने सवाल किया है कि महज 6 दिन के नोटिस पर 3154 झोपड़ियों को ध्वस्त करना कितना व्यावहारिक है? यहां इसे लेकर भय का माहौल है और भारी आक्रोश है। सुजाता ने इस कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।

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