मुंबई : राज्य के खजाने पर पहला अधिकार किसानों, मजदूरों, युवाओं और महिलाओं का है। यह बात महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 4 फरवरी को बार्शी में आयोजित एक भव्य जनसभा को संबोधित करते कही। जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को लेकर सभा आयोजित थी। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि विरोधियों की तमाम बाधाओं के बावजूद जनहित की एक भी योजना बंद नहीं होने दी जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों ने योजनाओं को रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया और तरह-तरह के आरोप लगाए, लेकिन सरकार ने जनता से जो वादा किया है, उसे हर हाल में निभाया जाएगा। उन्होंने ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना’, ‘लेक लाडकी लखपती योजना’ और किसानों के लिए शुरू की गई विभिन्न सम्मान योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये योजनाएं बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगी।
100 प्रतिशत फीस माफी को लेकर उन्होंने कहा कि फीस न भर पाने के कारण एक छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने सरकार को झकझोर कर रख दिया था। उन्होंने कहा, “यदि कोई बेटी शिक्षा के लिए अपनी जान दे रही है, तो फिर सरकार का क्या औचित्य है?” इसी संवेदनशीलता के चलते कैबिनेट ने तत्काल निर्णय लेते हुए लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए 100 प्रतिशत फीस माफी लागू की।
घोषणाएं
उपमुख्यमंत्री ने बार्शी और वैराग क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की
वैराग नगर पंचायत: सड़कें, नाली निर्माण, नई इमारतें और सीसीटीवी के लिए लगभग ₹34 करोड़।
छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक: अश्वारूढ़ प्रतिमा के सौंदर्यीकरण हेतु ₹5 करोड़।
सिंचाई: बार्शी लिफ्ट सिंचाई योजना और जलगांव मध्यम परियोजना के लिए त्वरित निधि।
रोजगार: युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार देने के उद्देश्य से एमआईडीसी की स्थापना का आश्वासन।