मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गैस टैंकर पलट जाने से लगा लम्बा जाम, यात्री प्रशासन

मुंबई : महाराष्ट्र में मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गैस टैंकर पलट गया है। इस कारण जाम लग गया है और यातायात यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। एक्सप्रेसवे पर जाम में घंटों से फंसे लोगों को पीने के पानी की भी दिक्कत हो रही है। शौचालय की सुविधा नहीं है। इस कारण भी महिला पुरुष को परेशानी हो रही है। 20 किलोमीटर लंबा जाम लगा है। राज्य पुलिस ने अब संज्ञान ले लिया है और राहत कार्य में जुट गई है।
एक्सप्रेस वे पर लगा लम्बा जाम।

सरकार की तरफ से कहा है कि एमएसआरडीसी द्वारा आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना तुरंत लागू की गई। यशवंतराव चव्हाण एक्सप्रेसवे (मुंबई पुणे एक्सप्रेसवे) पर टैंकर पलटने के बाद ट्रैफिक जाम में फंसे लोगों को पीने का पानी और बिस्किट बांटे जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि टैंकर में प्रोपलीन गैस थी, जो एक अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ है।


यशवंतराव चव्हाण एक्सप्रेसवे की मुंबई लेन पर किलोमीटर 41/200 पर अडोशी सुरंग के पास (बोरघाट खंड में) 3 फरवरी 2026 को शाम करीब 5 बजे पुणे से मुंबई जा रहा रासायनिक गैस से भरा टैंकर पलट गया। टैंकर में अत्यंत ज्वलनशील प्रोपाइलीन गैस भरी हुई थी। एमएसआरडीसी के अनुसार दुर्घटना के बाद ट्रेलर पर लगे तीन वाल्व क्षतिग्रस्त हो जाने से गैस रिसाव शुरू हो गया था। 4 फरवरी को रासायनिक विशेषज्ञों की टीम ने टैंकर में दो स्थानों पर हो रही गैस रिसाव को पूरी तरह रोक दिया, जबकि तीसरे रिसाव को भी काफी हद तक नियंत्रण में लाया गया है। शाम 5 बजे दुर्घटनाग्रस्त टैंकर से गैस को सुरक्षित टैंकर में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद दुर्घटनाग्रस्त टैंकर को हटाकर मुंबई लेन पर यातायात पुनः शुरू किया जाएगा। मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष प्रो. वर्षा गायकवाड़ ने जाम की दिक्कत को एक्स पर उठाया है। उन्हाेंने लिखा है कि पिछले साल भी ऐसा हुआ था।
एमएसआरडीसी के अनुसार यातायात जाम से बचने के लिए शाम 7.30 बजे एक्सप्रेसवे की दोनों लेनों के बीच का मध्य बैरियर हटाकर पुणे लेन की एक लेन मुंबई जाने वाले वाहनों के लिए खोल दी गई। पुणे की ओर जाने वाला ट्रैफिक शेष दो लेनों से चालू रखा गया। साथ ही मुंबई की ओर जाने वाले हल्के वाहनों को मैजिक पॉइंट से खोपोली (पुराना हाईवे) मार्ग से डायवर्ट किया गया। रासायनिक विशेषज्ञों की टीम रात 8.30 बजे और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) रात 10.20 बजे घटनास्थल पर पहुंचा। हालांकि, टैंकर के वाल्वों को भारी नुकसान होने के कारण उस समय गैस रिसाव पूरी तरह रोकना संभव नहीं हो सका।

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