मुंबई : भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) का अपने को एक वैज्ञानिक बताने वाले शख्स को मुंबई क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। व्यक्ति फर्जी निकला, जबकि इसी पहचान के आधार पर उसने 40 बार विदेश यात्रा की है।
समाचार एजेंसियों के अनुसार 60 वर्षीय अख्तर हुसैन कुतुबुद्दीन अहमद अपने को BARC का वैज्ञानिक कहता था। जांच में पता चला है कि वो पिछले 30 साल से BARC का फर्जी साइंटिस्ट बना हुआ था। अख्तर 20 बार ईरान, 15 बार सऊदी अरब समेत मॉस्को, रूस और थाईलैंड की यात्रा कर चुका है।
मुंबई पुलिस ने जब अख्तर से जुड़ी जानकारी खंगाली, तो एक के बाद एक चौंकाने वाले राज सामने आने लगे। अख्तर और उसके भाई आदिल हुसैन के नाम पर कई बैंक खाते मिले। इनमें एक खाता प्राइवेट बैंक का था, जिसमें 2001 में विदेश से भारी मात्रा में पैसा आया था। पुलिस ने अख्तर को यारी रोड से गिरफ्तार किया। वहीं, उसके भाई को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है।
मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी के अनुसार, अख्तर को 1996 से ही विदेश से पैसे मिल रहे हैं। इनमें ज्यादातर पैसे अमेहैरिका, ईरान और ईराक जैसे देशों से आते हैं। पैसा भेजने वाले स्रोतों का पता नहीं चल पाया है।