मुंबई। मुंबई में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक विभाग (ACB) ने बीएमसी के K/West वार्ड के दो कर्मचारियों को रिश्वतखोरी के मामले में पकड़ा है। आरोप है कि एक बेकरी कारोबारी को उसका व्यवसाय बिना कार्रवाई के जारी रखने देने के एवज में दोनों ने रिश्वत की मांग की थी। एसीबी ने जाल बिछाकर एक कर्मचारी को ₹60 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया, जबकि दूसरे कर्मचारी को उसके कार्यालय से हिरासत में लिया गया।

एसीबी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निरवकुमार चुनीलाल जैसूर (43), बीएमसी के K/West वार्ड में सब-इंजीनियर, और विजय रमेश पाटील (46), वार्ड कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी के रूप में हुई है। मामला 3 सितंबर 2026 को सामने आया।
पहले मांगे 70 हजार, बातचीत के बाद 60 हजार पर सहमति : मामले में करीब 50 वर्षीय बेकरी कारोबारी ने एसीबी से शिकायत की थी। शिकायत के मुताबिक, वह अपना बेकरी व्यवसाय जारी रखना चाहता था और इसके लिए उस पर बीएमसी की ओर से कार्रवाई नहीं करने के बदले रिश्वत की मांग की गई।
एसीबी की जांच में सामने आया कि विजय पाटील ने शिकायतकर्ता से ₹70 हजार की रिश्वत मांगी थी। बताया गया कि यह रकम उसके साथ-साथ सब-इंजीनियर निरवकुमार जैसूर के लिए भी मांगी गई थी। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने एसीबी से संपर्क किया।
एसीबी ने किया ट्रैप
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने रिश्वत की मांग की पुष्टि की। सत्यापन के दौरान शिकायतकर्ता की मुलाकात सब-इंजीनियर जैसूर से कराई गई। आरोप है कि बातचीत के बाद जैसूर ने रिश्वत की रकम ₹60 हजार तय की।
इसके बाद एसीबी ने K/West वार्ड कार्यालय में जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता से ₹60 हजार लेते समय विजय पाटील को वार्ड कार्यालय के भूतल स्थित लिफ्ट के पास रंगेहाथ पकड़ लिया गया। इसके बाद एसीबी की टीम ने सब-इंजीनियर निरवकुमार जैसूर को उसके कार्यालय से हिरासत में ले लिया।
तलाशी में नकदी और मोबाइल फोन बरामद
एसीबी की कार्रवाई के दौरान आरोपियों की तलाशी भी ली गई। अधिकारियों के मुताबिक, निरवकुमार जैसूर के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। वहीं विजय पाटील के पास से एक मोबाइल फोन और ₹40,820 नकद मिले। इसके अलावा उसके बैग से करीब ₹2.37 लाख नकद बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
एसीबी ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में यह भी जांच की जा रही है कि कहीं आरोपियों ने पूर्व में भी इसी तरह अन्य कारोबारियों या नागरिकों से रिश्वत तो नहीं मांगी थी।
इस कार्रवाई के बाद बीएमसी के संबंधित विभाग में हड़कंप मच गया है। एसीबी मामले की आगे जांच कर रही है।