
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के दौरान विवाद
अभिजीत दिपके इन दिनों CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत लातूर जिले के सरकारी और नगरपालिका स्कूलों का दौरा कर रहे हैं। अभियान के तहत स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं, प्रशासन, सुरक्षा, मिड-डे मील, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और स्कूल भवन की स्थिति का सामाजिक ऑडिट किया जा रहा है। इसके लिए CJP ने 10 बिंदुओं वाला ऑडिट फॉर्म भी तैयार किया है।
स्कूल में क्या हुआ?
शिकायत के मुताबिक, औसा क्षेत्र के एक जिला परिषद स्कूल में दिपके और उनके साथ आए लोगों ने बिना अनुमति प्रवेश किया और स्कूल की गतिविधियों की रिकॉर्डिंग व पूछताछ की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर सरकारी काम में बाधा और शिक्षकों को धमकाने समेत संबंधित आरोपों में केस दर्ज किया है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
CJP का रुख
CJP की ओर से कहा गया है कि ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को सामने लाने और सुधार की मांग को लेकर अभियान जारी रहेगा। पार्टी का दावा है कि उसका उद्देश्य स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने लाना और प्रशासन से जवाबदेही तय कराना है।
इस FIR के बाद लातूर में स्कूलों की बदहाली, सामाजिक ऑडिट और सरकारी संस्थानों में बाहरी लोगों के प्रवेश के अधिकार को लेकर बहस तेज हो गई है। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होगा कि स्कूल में वास्तव में क्या हुआ और शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं।