30 जून तक कराना होगा आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, नहीं मिलने पर रुक सकती है सब्सिडी
नई दिल्ली : देशभर के LPG उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। सरकार के नए निर्देशों के अनुसार 1 जुलाई से ऐसे उपभोक्ताओं को रसोई गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा, जिन्होंने समय रहते अपनी ई-केवाईसी (E-KYC) प्रक्रिया पूरी नहीं कराई है। यह नियम प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के साथ-साथ अन्य सब्सिडी पाने वाले उपभोक्ताओं पर भी लागू होगा।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देश के मुताबिक प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और डीबीटीएल (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर फॉर LPG) योजना के अंतर्गत आने वाले सभी उपभोक्ताओं को 30 जून तक आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन कराना अनिवार्य है। निर्धारित समय सीमा तक ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं की LPG सब्सिडी रोकी जा सकती है या स्थायी रूप से बंद भी की जा सकती है।
हालांकि, उपभोक्ता 30 जून के बाद भी ई-केवाईसी करवा सकते हैं। ऐसे में उन्हें आगे की गैस बुकिंग पर सब्सिडी का लाभ फिर से मिल सकता है, लेकिन ई-केवाईसी नहीं कराने की अवधि की बकाया सब्सिडी नहीं दी जाएगी।
घर बैठे मोबाइल से भी पूरी कर सकते हैं E-KYC
इंडेन गैस उपभोक्ता अपने मोबाइल फोन से घर बैठे ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें IndianOil ONE ऐप डाउनलोड कर मोबाइल नंबर से साइन अप करना होगा और अपनी 16 अंकों की LPG आईडी को लिंक करना होगा। इसके बाद प्रोफाइल सेक्शन में जाकर E-KYC विकल्प चुनकर फेस स्कैन के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा किया जा सकता है।
जो उपभोक्ता ऑनलाइन प्रक्रिया नहीं करना चाहते, वे अपने नजदीकी LPG डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर भी बिना किसी शुल्क के ई-केवाईसी करा सकते हैं।
E-KYC करने की प्रक्रिया
- सबसे पहले IndianOil ONE ऐप डाउनलोड करें।
- मोबाइल नंबर से साइन अप करें।
- कैश मेमो पर दर्ज 16 अंकों की LPG ID लिंक करें।
- “मेरी प्रोफाइल” में जाकर LPG विवरण खोलें।
- Indane Details सेक्शन में E-KYC विकल्प चुनें।
- नियम एवं शर्तों को पढ़कर Face Scan के माध्यम से सत्यापन करें।
- अंत में E-KYC अनुरोध सबमिट कर दें।
सरकार की ओर से उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि गैस सब्सिडी का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहे।