
100 घरों के लोगों को पुनर्वास करने के लिए प्लानिंग किया जा रहा है। पश्चिम रेलवे के अधिकारी के अनुसार, यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के तहत की जा रही है। लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े, इसके लिए उन्हें पहले से घर खाली करने का समय भी दिया जा रहा है। 23 मई को इस कार्रवाई का आखिरी दिन है।
कोर्ट से नहीं मिली राहत
इसके विरोध में लोगों ने दूसरी बार कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। अधिकारी ने बताया कि 21 मई को तोड़त कार्रवाई पर स्टे पाने के लिए दूसरी बार लिव पिटीशन जारी की गई थी, हालांकि हाई कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। बता दें कि पहला लिव पिटीशन , तब मांगा गया था, जब इस मामले पर कोर्ट ने फैसला सुनाया था।
रात में करीब ढाई सौ पुलिसकर्मी और 50 मलबा उठाने वाले कर्मचारी काम कर रहे हैं। यानी कुल 300 लोग वहां पर रात में भी मौजूद है।