बंगाल : बंगाल में दो चरणों में होने वाले चुनाव में से पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हो गया। चुनाव कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ। हालांकि छिटपुट घटनाएं भी हुई। दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी। राज्य की बाकी बची 142 विधानसभा सीटों के लिए मतदाता वोट करेंगे। सभी 294 सीटों की मतगणना 4 मई को होगी।
इधर, चुनाव आयोग ने रात 9 बजे अंतिम आंकड़ा जारी कर दिया। इसके मुताबिक, बंगाल में 92.35 प्रतिशत ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया गया है। यह 2021 के चुनाव (81.56 प्रतिशत) के मुकाबले 10.79 प्रतिशत अधिक है।
बंगाल का चुनावी इतिहास यह बताता है कि अब तक का सबसे अधिक मतदान वर्ष 2011 में हुआ था। 84.33 फीसदी वोट पड़े थे और ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बन गई थी। वर्ष 2026 के चुनाव ने उस ऐतिहासिक आंकड़े को भी बहुत पीछे छोड़ दिया। 5 बजे तक लगभग 90 प्रतिशत वोटिंग हो गई थी।
अब तक के आंकड़े
1952 के पहले चुनाव में केवल 42.23 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। 1962 तक बढ़कर 55.55 प्रतिशत हो गई थी।
वर्ष 1967 में 66.1 प्रतिशत मतदान हुआ था।
वर्ष 1971 से 1977 के बीच मतदान में गिरावट आयी थी। वर्ष 1977 में केवल 56.15 प्रतिशत वोटिंग हुई।
वर्ष 1982 के बाद वोटिंग प्रतिशत में एक बार फिर उछाल आया और 1996 में यह 82.94 प्रतिशत तक जा पहुंचा।
वर्ष 2011 में बंगाल में 84.3 प्रतिशत वोट पड़े थे। ममता बनर्जी बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं।