मुंबई : महाराष्ट्र विधानसभा में मुख्यमन्त्री देवेंद्र फडणवीस ने आज 24 मार्च को नासिक के कथित भोंदू बाबा उर्फ अशोक खरात के मामले में चौकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने कहा कि अशोक खरात खुद को भगवान बताकर महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था। उनका शोषण करता था। उसके मोबाइल की जांच की गई लेकिन उसमें कोई ठोस सबूत नहीं मिला, लेकिन व्हाट्सऐप मैसेज और कॉल स्क्रीनशॉट जब्त किए गए।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इस मामले में जिसने भी आरोपी के गलत काम में मदद किया होगा, उसे बख्सा नहीं जाएगा। पूरे मामले की तह तक जांच की जा रही है। अब तक जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 6.53 लाख रुपये नकद, 2 लैपटॉप, एक रिवॉल्वर, 21 जिंदा कारतूस और 5 इस्तेमाल किए गए कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी का मोबाइल जब्त कर साइबर जांच के लिए भेज दिया गया है।
पीड़ित महिलाओं से भी पुलिस संपर्क कर रही है। पहले ये महिलाएं बदनामी के डर से सामने नहीं आ रही थीं, लेकिन उन्हें समझाने के बाद, उनकी काउंसलिंग और सुरक्षा का भरोसा देने के बाद कई महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई। एक जांच में 4 पीड़ितों की पहचान कर 4 केस दर्ज हुए, जबकि अन्य शिकायतों के साथ कुल मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि आरोपी के विदेश भागने की आशंका को देखते हुए 10 मार्च 2026 को उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया। जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन कर दिया गया है। एक महिला ने 17 मार्च को पुलिस में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि खरात ने दैवी शक्तियों का झांसा देकर उसका विश्वास जीता, फिर नशीला पदार्थ देकर उसे सम्मोहित किया और पति की मौत का डर दिखाकर कई बार दुष्कर्म किया। इस शिकायत के आधार पर उसी दिन आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
भोंदू बाबा की फाइल फोटो।