
पुलिस के मुताबिक, अधिकारी ने मोबाइल फोन पर आए एक संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया था। इसके बाद उनका फोन अचानक ठीक से काम करना बंद हो गया। मोबाइल में मौजूद कुछ एप्लिकेशन गायब हो गए और डेटा भी डिलीट हो गया। शुरुआत में उन्होंने इसे तकनीकी खराबी समझा, लेकिन बाद में बैंक खाते की जांच करने पर उन्हें पता चला कि खाते से रकम निकाली जा चुकी है।
बताया गया है कि धोखाधड़ी 13 अगस्त को हुई थी और अधिकारी को करीब दो दिन बाद इसका पता चला। वह उस समय बॉम्बे हाई कोर्ट में तैनात थे और कुछ ही महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। मामले की शिकायत साइबर क्राइम अधिकारियों से की गई है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संदिग्ध लिंक के जरिए फोन और बैंकिंग जानकारी तक आरोपियों ने कैसे पहुंच बनाई।
यह मामला इस बात की गंभीर चेतावनी है कि साइबर अपराधी किसी को भी निशाना बना सकते हैं। मुंबई पुलिस ने भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने और बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करने की अपील की है।
मुंबई पुलिस के सब-इंस्पेक्टर से ₹78,765 की साइबर ठगी
मुंबई : मुंबई में साइबर ठगों ने पुलिस विभाग में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर को ही अपना शिकार बना लिया। गोरेगांव पुलिस स्टेशन से जुड़े 58 वर्षीय सब-इंस्पेक्टर के बैंक खाते से कथित तौर पर ₹78,765 निकाल लिए गए। ठगी दो अनधिकृत ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए हुई।