कैश, सोना-चांदी, हथियार, 632 कारतूस और विदेशी शराब बरामद; अदालत ने चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा
महाराष्ट्र : छत्रपति संभाजीनगर में पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात गैंगस्टर बाबा फरजान के मिटमिता स्थित बंगले पर छापेमारी कर करीब 5.65 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, लाइसेंसी और अन्य हथियार, सैकड़ों कारतूस, धारदार हथियार, विदेशी शराब तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए। मामले में गैंगस्टर की पत्नी होने का दावा करने वाली शीलाबाई बाबा फरदुन दोरदी (उर्फ शीलाबाई गणपत साल्वे) को गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह संयुक्त कार्रवाई शहर की क्राइम ब्रांच और कैंटोनमेंट पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर की। पुलिस के अनुसार, गैंगस्टर बाबा फरजान की बीमारी से करीब छह महीने पहले मौत हो चुकी थी। छापेमारी के समय उसके घर में उसकी दूसरी पत्नी शीला गणपतराव साल्वे मौजूद थीं।
पांच नोट गिनने वाली मशीनें मंगानी पड़ीं
तलाशी के दौरान पुलिस को घर से 5,26,29,560 रुपये नकद मिले। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी होने के कारण पुलिस को रकम गिनने के लिए पांच नोट गिनने वाली मशीनों की मदद लेनी पड़ी। नकदी में 100 और 200 रुपये के नोटों के अलावा 50, 20 और 10 रुपये के नोटों की बड़ी संख्या भी शामिल थी।
सोना, चांदी और विदेशी शराब भी मिली
पुलिस ने घर से लगभग 21.34 लाख रुपये मूल्य के 151.3 ग्राम सोने के आभूषण, 8.09 लाख रुपये मूल्य की 3.92 किलोग्राम चांदी, तथा करीब 34,836 रुपये मूल्य की 45 बोतल विदेशी और प्रीमियम ब्रांड की शराब भी जब्त की।
हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद
छापेमारी में पुलिस को हथियारों का बड़ा जखीरा भी मिला। बरामद सामान में—
एक रिवॉल्वर
दो पिस्तौल
चार राइफल
चार मैगजीन
632 जिंदा कारतूस
दो एयर गन
एक .22 राइफल
एक 12 बोर राइफल
एक तलवार
तीन खंजर
17 प्रकार के चाकू
21 से अधिक अन्य धारदार हथियार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार इन हथियारों की अनुमानित कीमत करीब 5.50 लाख रुपये है। इसके अलावा एक डीवीआर और हथियारों के लाइसेंस से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस रिमांड पर भेजी गई आरोपी
गिरफ्तार शीलाबाई को शनिवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब उससे नकदी और अन्य संपत्तियों के स्रोत के संबंध में पूछताछ कर रही है।
लाइसेंसी हथियार जमा नहीं कराए गए
एसीपी (क्राइम) मजहर सैयद ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बरामद कुछ हथियार बाबा फरजान के नाम पर लाइसेंसशुदा थे। उनकी मृत्यु के बाद नियमानुसार इन हथियारों को पुलिस के पास जमा कराया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार ने कहा कि यह कार्रवाई शहर में संगठित अपराध और अवैध संपत्ति के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। जब्त नकदी, कीमती सामान और हथियारों के स्रोत की गहन जांच की जाएगी तथा यह भी पता लगाया जाएगा कि इनका संबंध किसी आपराधिक गतिविधि से है या नहीं।