अरब सागर में बड़ी कार्रवाई: प्रतिबंधित रूसी जहाज को रोका गया

अवैध समुद्री ईंधन आपूर्ति, फर्जी निर्यात दस्तावेज और संदिग्ध विदेशी लेनदेन की जांच तेज
मुंबई : सीमा शुल्क निवारक शाखा (Customs Preventive Wing) ने अरब सागर में नियमित समुद्री गश्त के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए रूसी ध्वज वाले जहाज एमटी अंगारा (MT Angara) को रोक लिया है। इस जहाज पर अमेरिका, यूरोपीय संघ (EU) और यूनाइटेड किंगडम (UK) द्वारा प्रतिबंध लगाए गए हैं। अधिकारियों ने जहाज से जुड़े दस्तावेज जब्त कर व्यापक जांच शुरू कर दी है।

200 मीट्रिक टन ईंधन आपूर्ति का संदेह
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि भारतीय बंकर बार्ज एमवी बे III (MV Bay III) के माध्यम से जहाज को लगभग 200 मीट्रिक टन वेरी लो सल्फर फ्यूल ऑयल (VLSFO) की आपूर्ति किए जाने की आशंका है। यह बार्ज नवी मुंबई स्थित रिचा शिपिंग प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व में है अथवा उसके चार्टर पर संचालित की जा रही है।

इंडियन ऑयल के नाम पर फर्जी चालान का शक
सीमा शुल्क अधिकारियों के अनुसार, ईंधन आपूर्ति के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के नाम पर कथित रूप से फर्जी निर्यात चालान तैयार किए गए हो सकते हैं। इसके साथ ही निर्यात शिपिंग बिल दाखिल करने जैसी अनिवार्य सीमा शुल्क प्रक्रियाओं का पालन नहीं किए जाने का भी संदेह है।

लॉजिस्टिक्स कंपनी की भूमिका जांच के दायरे में
जांच एजेंसियों को आशंका है कि नवी मुंबई स्थित एवीएम सी-लीडर्स शिपिंग एंड लॉजिस्टिक्स एलएलपी (AVM SEALEADERS Shipping & Logistics LLP) द्वारा कथित फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए हो सकते हैं। कंपनी की भूमिका की भी विस्तार से जांच की जा रही है।

महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने विदेशी जहाज से बंकर डिलीवरी नोट्स और ईंधन की गुणवत्ता से संबंधित परीक्षण रिपोर्टें जब्त की हैं। इन दस्तावेजों की सत्यता और वैधता की जांच की जा रही है।

कर चोरी और प्रतिबंधों से बचने की आशंका
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि कथित फर्जी दस्तावेजों के जरिए करों और सीमा शुल्क से बचने का प्रयास किया गया हो सकता है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लागू करने वाली एजेंसियों से ईंधन आपूर्ति को छिपाने की कोशिश किए जाने की भी आशंका जताई जा रही है।

यूएई से जुड़े वित्तीय लेनदेन भी जांच के घेरे में
मामले से जुड़े संयुक्त अरब अमीरात (UAE) स्थित संस्थानों के माध्यम से हुए संदिग्ध विदेशी वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां धन के स्रोत और उसके प्रवाह की पड़ताल कर रही हैं।

जांच जारी, और खुलासों की संभावना
सीमा शुल्क विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे नए साक्ष्य सामने आएंगे और उनका सत्यापन होगा, मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का भी खुलासा किया जाएगा।

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