मुंबई : बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (जीएमएलआर) परियोजना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई तेज कर दी है। रविवार को मुलुंड के खिंडीपाड़ा स्थित अमरनगर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ अभियान चलाया गया, जिसमें करीब 150 अवैध रिहायशी और व्यावसायिक ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया। यह अभियान टी वार्ड की अतिक्रमण विरोधी टीम द्वारा जोन-6 के उप आयुक्त के निर्देश पर चलाया गया। अभियान का नेतृत्व टी वार्ड के सहायक आयुक्त ने किया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुलुंड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों और बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था।
बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, हटाए गए सभी ढांचे गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना के निर्धारित मार्ग में बाधा बन रहे थे। इसलिए उन्हें हटाना आवश्यक था। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में अभी भी 234 अवैध ढांचे मौजूद हैं, जिनके खिलाफ अगले सप्ताह कार्रवाई की जाएगी।
गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड को मुंबई की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में गिना जाता है। परियोजना के पूरा होने के बाद पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों के बीच आवागमन अधिक तेज और सुगम होने की उम्मीद है। साथ ही, शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या को कम करने में भी यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी।
वर्तमान में ट्रैफिक जाम के कारण नागरिकों को पूर्व से पश्चिम की ओर यात्रा करने में काफी समय लगता है। बीएमसी का मानना है कि परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसी उद्देश्य से नगर निगम ने चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया है और आने वाले दिनों में इसे और तेज किए जाने की संभावना है।