मुंबई : मुंबई में साइबर ठगों ने भारतीय सेना का लोगो और फर्जी जीएसटी प्रमाणपत्र दिखाकर पहले विश्वास जीता और फिर एक निजी कंपनी से 20,88,585 रुपये की ठगी कर ली। शिकायतकर्ता से साइबर ठगों ने पहले 5 रुपये ट्रांसफर करवा लिए और फिर इस लेन-देन के आधार पर कंपनी के खाते से अपने खाते में 20.88 लाख से अधिक रकम जमा करवा साइबर ठगी को अंजाम दिया। सेंट्रल साइबर पुलिस अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच में जुटी है।
शिकायतकर्ता समीर वायंगणकर लोअर परेल स्थित एक निजी कंपनी में अकाउंट एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत हैं। फरवरी में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर को वाट्सएप कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को भारतीय सेना के कालीना मिलिट्री कैंप का अधिकारी कुणाल चौधरी बताया और फौजियों के लिए उपयोग में आने वाले पानी को शुद्धिकरण करने की प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले केमिकल खरीदने की बात कही। आरोपियों ने भारतीय सेना के लोगो वाले फर्जी परचेज ऑर्डर, नकली जीएसटी सर्टिफिकेट और रक्षा मंत्रालय के नाम से ई-मेल भेजकर कंपनी का विश्वास जीत लिया। शुरुआत में आरोपियों ने टेस्ट पेमेंट के तौर पर 5 रुपये ट्रांसफर करने को कहा। बाद में अलग-अलग बहाने बनाकर कंपनी से विभिन्न बैंक खातों में रकम जमा करवा ली। इस तहर से आरोपियों ने डायरेक्टर को विभिन्न प्रकार के दस्तावेज दिखाकर भरोसा जीता और कंपनी से 20.88 लाख से अधिक रकम अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए।
रकम भेजने के बाद भी जब सामान की सप्लाई की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो कंपनी को शक हुआ। गूगल सर्च करने पर पता चला कि सेना के नाम पर इस तरह की ठगी के कई मामले सामने आ चुके हैं। साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज किए जाने के बाद सेंट्रल साइबर पुलिस आईटी एक्ट की धारा 66(D) और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।