– इंधन की चोरी और गड़बड़ी रोकने के लिए एसटी के सभी पंपों पर लगाए जाएंगे एआई आधारित सेंसर
मुंबई : महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री तथा एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने 20 मार्च को बताया कि आने वाले वित्तीय वर्ष में स्क्रैपिंग प्रोजेक्ट, एआई के जरिए ड्राइवर-कंडक्टर ड्यूटी प्रबंधन और अन्य उपायों से कम से कम 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। एसटी में आर्थिक अनुशासन, पारदर्शिता और आत्मनिर्भरता लाना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि इसे एक मजबूत और टिकाऊ परिवहन सेवा बनाया जा सके।
मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि केवल डीजल खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाकर ही सालाना करीब 241 करोड़ रुपये की बचत सुनिश्चित की गई है। पहले एसटी को मिलने वाले डीजल पर प्रति लीटर करीब 2.70 रुपये की छूट मिलती थी, जिसे बढ़ाकर 3 रुपये किया गया था। अब प्रतिस्पर्धी टेंडर प्रक्रिया के जरिए प्रति लीटर 5.13 रुपये की छूट मिली है। इससे हर साल लगभग 240 से 241 करोड़ रुपये की बचत होगी। इसी के साथ ही अब एसटी के पेट्रोल पंप पर ही सभी प्रकार के ईंधन मिलेंगे।
महामंडल अब डीजल, पेट्रोल, सीएनजी और एलएनजी जैसे ईंधन की बिक्री के क्षेत्र में भी प्रवेश करेगा। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के तहत 100 से 110 मल्टी-मॉडल फ्यूल पंप स्थापित किए जाएंगे। इससे हर साल करीब 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है। यह पंप एसटी के ओपन लैंड पर स्थापित किये जाएंगे। वर्तमान में एसटी पर करीब 12 हजार करोड़ रुपये का संचित घाटा है, जबकि चालू वित्त वर्ष में फरवरी 2026 तक लगभग 750 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
इंधन की चोरी और गड़बड़ी रोकने के लिए एसटी के सभी पंपों पर एआई आधारित सेंसर लगाए जाएंगे। अभी की व्यवस्था में हर 100 लीटर पर 4 से 5 लीटर तक की हानि सामने आई है, जिसे इस तकनीक से रोका जाएगा।
एसटी की 251 डिपो और 600 से अधिक बस स्टेशनों के जरिए रोजाना 50 से 55 लाख यात्रियों तक पहुंच का फायदा उठाते हुए विज्ञापन से आय बढ़ाने की योजना बनाई गई है। बसों और स्टेशनों पर डिजिटल विज्ञापन के जरिए अगले 5 वर्षों में 250 करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य रखा गया है।
ऊर्जा खर्च कम करने के लिए बस डिपो, स्टेशनों और वर्कशॉप की छतों पर सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे। इससे हर साल 10 से 15 करोड़ रुपये की बचत और आय होगी। साथ ही खाली जमीन पर सोलर प्रोजेक्ट लगाकर बिजली बेचने की भी योजना है।