राशनिंग विभाग की अनदेखी के कारण मुंबई में हो रही गैस सिलिंडर की अवैध बिक्री

न सुरक्षा का इंतजाम और न ही लाइसेंस, फिर भी चल रहा गैस बिक्री का अवैध धंधा

मुंबई : मुंबई के चेंबूर, गोवंडी, कुर्ला, सायन सहित कई अन्य इलाकों की दुकानों में 14 किलो वाला घरेलू गैस सिलेंडर की अवैध बिक्री हो रही है। बिना लाइसेंस और बिना सुरक्षा यह धंधा इन दिनों खूब फल-फूल रहा है।

गैस सिलेंडरों के दाम।

जानकार बताते हैं कि 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर का दाम बढ़ने के कारण डोमेस्टिक गैस सिलिंडर की बिक्री बढ़ गई है। लोगों की गैस की अधिक मांग के कारण सुरक्षा और अपनी सहित ग्राहकों की जान को ताक पर रखकर दुकानदार इस तरह के गैस सिलिंडर को खुलेआम बेच रहे हैं। इन दुकानों में न तो अग्निशमन यंत्र है और न ही इसे बेचने का लाइसेंस। फिर भी यह धंधा चल रहा है।

दुकान में अवैध रूप से रखे गए गैस सिलेंडर।

सूत्रों के अनुसार यह धंधा एजेंसी वाले की मिलीभगत से चल रहा है। क्योंकि एजेंसी वाले दुकानदारों को अवैध रूप से गैस सिलिंडर उपलब्ध करा देता है। लोगों का कहना है कि इस धंधे को बंद कराने के लिए राशनिंग विभाग के अधिकारियों को जांच करनी चाहिए। साथ ही बीपीसीएल, एचपीसीएल के जांच अधिकारियों को भी कार्रवाई करनी चाहिए। तभी यह धंधा बंद हो सकता है। लोगों का सीधे कहना है कि जांच अधिकारी की अनदेखी और लापरवाही के कारण ही यह अवैध धंधा पनप रहा है। यह धंधा इसलिए भी पनप रहा है क्योंकि एजेंसी वाले भी इन दुकानदारों को ब्लैक में डोमेस्टिक गैस सिलेंडर उपलब्ध करा देता है। इस कारण से कामर्शियल गैस की बिक्री भी कम रही है और डोमेस्टिक गैस की बिक्री बढ़ गई है।

खुलेआम दुकान में रखे हुए गैस सिलिंडर।

इस अवैध धंधे को बंद करने और आम जन की सुरक्षा के लिए राशनिंग विभाग के अधिकारियों को जांच करनी चाहिए और छापेमारी करनी चाहिए।
हालांकि, अभी हाल ही में आगरीपाड़ा पुलिस स्टेशन की ओर से धोबीघाट इलाके में जांच की गई तो कई चौंकाने वाले मामले सामने आए। यहाँ 12 से अधिक सिलेंडर रखने का लाइसेंस न होने के बावजूद 12 से अधिक कमर्शियल सिलिंडर रखे गए थे और एक-दूसरे को जोड़कर ड्राइंग मशीन चलाई जा रही थी। जिससे आम लोगों की जान को खतरा तो था ही बहुत बड़ी दुर्घटना की संभावना बन जाती है। हालांकि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है और सिलेंडरों को जब्त कर लिया है।

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