
गौरतलब है कि सदियों पुरानी हजरत सैय्यद जलालुद्दीन शाह कादरी (गडकरी वाले बाबा) के दरगाह शरीफ पर यहां के खादिम हजरत सैय्यद गौश सिद्दीकी के अनुसार जियारत के लिए आने वाले जायरीनों सहित यहां आने वालों के लिए लंगर का इंतजाम किया जाता है। 14 से 22 जनवरी तक चलने वाले उर्स के दौरान हर रोज लंगर का लगता है। ताकि कोई भी बाबा के दरबार से भूखा न लौटे। यूं तो गडकरी वाले बाबा कि जियारत के लिए आने वाले श्रद्धालु उन्हें “शहनशाहे चेंबूर” भी कहते हैं। यहां जियारत के लिए आने वालों में न केवल मुंबई ब्लिक पूरे महाराष्ट्र और देश के कई शहरों से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहता है।