शेख हसीना ने कहा फैसला पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित
News24mumbai Desk
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को बांग्लादेश की कोर्ट ने 17 नवम्बर 2025 को मौत की सजा सुनाई है। शेख हसीना ने पिछले साल हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद भारत में शरण ले ली थी।
बांग्लादेश की कोर्ट ने उनको मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी ठहराया और मौत की सजा सुना दी। न्यायमूर्ति गुलाम मुर्तुजा मोजुमदार की अध्यक्षता वाली आईसीटी की तीन सदस्यीय पीठ ने हसीना और अन्य को मानवता के विरुद्ध अपराधों का दोषी पाया और पिछले साल उनके निष्कासन के बाद महीनों तक चली सुनवाई का समापन किया। अदालत ने आगे कहा कि हसीना इस मामले में अधिकतम सजा की हकदार हैं। 453 पेज के फैसले में, आईसीटी ने कहा कि पूर्व गृह मंत्री, हसीना और पूर्व पुलिस प्रमुख ने प्रदर्शनकारियों को मारने और उनका दमन करने के लिए मिलकर काम किया। इसके अलावा, उन्होंने प्रदर्शनकारियों की हत्या में हेलीकॉप्टरों और घातक हथियारों के इस्तेमाल का आदेश दिया। यह बात दक्षिण ढाका नगर निगम के मेयर के साथ हसीना की बातचीत से साबित हुई है।
फैसले पर शेख हसीना ने कहा, “मेरे खिलाफ सुनाए गए फैसले एक धांधली वाले न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए हैं, जिसकी स्थापना और अध्यक्षता एक अनिर्वाचित सरकार द्वारा की गई है, जिसके पास कोई लोकतांत्रिक जनादेश नहीं है। वे पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित हैं।
इधर, इस फैसले पर यूनुस सरकार और 2024 में बांग्लादेश में हुई हिंसा के दौरान मारे गए लोगों के परिवारों के साथ खुशी और जश्न मनाया। दूसरी ओर हसीना के समर्थकों ने फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।