— इनकम टैक्स ऑफिसर से साइबर ठगों ने ठग लिए 44 लाख रुपए
नवी मुंबई : हर तरफ ठगी हो रही है। साइबर ठगी तो ज्यादा। ऐसा ही एक और मामला सामने आया है। नेरुल पुलिस स्टेशन में एक इनकम टैक्स ऑफिसर ने साइबर ठगों के खिलाफ करीब 44 लाख रुपए की ठगी का मामला दर्ज करवाया है। अब पुलिस साइबर एक्सपर्टस की मदद से आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। पीड़ित की पहचान आरोपियों से मैट्रिमोनियल साइट पर हुई थी। आरोपी ने उससे शादी का वादा कर ठगी को अंजाम दिया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसने एक मैट्रिमोनियल साइट पर प्रोफाइल बनाई थी। इसके उसने दिव्या सरकार नाम की महिला को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी। महिला ने 17 अगस्त को उसकी फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत होनी लगी। दोनों ने आपस में मोबाइल नंबर साझा किए, जिसमें महिला के मोबाइल नंबर के आगे यूके का कोड था। महिला ने बताया कि वह मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली है और लंदन में नौकरी करती है। उसने अपना बायोडाटा भेजते हुए कहा कि उसके माता पिता का निधन हो चुका है और वह अगले हफ्ते भारत लौट रही है। उसने कहा कि माता पिता की अंतिम इच्छा थी कि शादी करके भारत सेटल हो जाऊं। उनकी इस इच्छा को पूरी करने के लिए वापस आ रही हूं।
18 सितंबर को महिला ने ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट के टिकट का स्क्रीनशॉट भेजते हुए बताया कि वह भारत आने वाली है। अगले दिन युवक को एक कॉल आया। कॉल करने वाली महिला ने खुद को दिल्ली एयरपोर्ट की अधिकारी सुजाता धर बताया। उसने कहा कि दिव्या के पास 50 हजार पाउंड का अनरजिस्टर्ड डिमांड ड्राफ्ट मिला है, जिसके लिए 1 लाख रुपये की जरूरत है। उसने कहा कि दिव्या ने पहले ही 40,100 रुपये दे दिए और 59,900 रुपये बाकी हैं। युवक ने भरोसा करते हुए 55 हजार रुपये बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद धर ने कहा कि दिव्या के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं। ऐंटि मनी लॉन्ड्रिंग सर्टिफिकेट के लिए 99,700 रुपये जमा करने होंगे, वरना एयरपोर्ट पर रोककर रखा जाएगा। युवक ने कहा कि उसके पास पैसे नहीं है और बैंक भी बंद है। दिव्या ने कहा मध्य प्रदेश में रहने वाले उसके रिश्तेदार भी मौजूद नहीं हैं। युवक ने 99 हजार रुपये फिर से ट्रांसफर कर दिए।
थोड़ी देर बाद युवक के पास फिर से फोन आया कि डिमांड ड्राफ्ट को भारतीय मुद्रा में बदलने के लिए आप अपने बैंक खाते की जानकारी भेजिए। युवक ने जानकारी देने से मना कर दिया और कहा कि आप अपना नया अकाउंट खोल लीजिए। महिला ने नया खोता खोलने के लिए 3.86 रुपये जमा करने के लिए कहा। युवक ने एक बार फिर दो अकाउंट में 1.86 लाख रुपये और 2 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। 29 सितंबर को धर ने फिर से फोन कर दूसरे बहाने बनाकर पैसे मांगे। 5 अक्तूबर को दिव्या ने उसे मेसेज भेजा कि वह होटल का बिल और खाने के पैसे नहीं चुका पा रही है, जिससे होटल मैनेजर ने उसका खाना बंद कर दिया है। कुछ देर बाद उसने एक होटल कर्मचारी के मोबाइल से संदेश भेजकर 3.69 लाख रुपये की मदद मांगी। तब युवक को शक हुई कि वह किसी साइबर ठगी गिरोह का शिकार बन चुका है।