राजस्थान : रेप केस में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाई कोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड पर छह महीने की अंतरिम जमानत दे दी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की डिवीजन बेंच ने बुधवार को यह राहत दी। आसाराम ने बिगड़ती सेहत और लगातार इलाज की जरूरत का हवाला देते हुए रेगुलर बेल की अर्जी लगाई थी। फिलहाल वह एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। इससे पहले जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने भी मेडिकल आधार पर मार्च तक अंतरिम जमानत दी थी। आसाराम 2013 से जेल में हैं, जब उन्हें 16 वर्षीय लड़की से दु,ष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में गुजरात में भी दो बहनों से रेप के मामले में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
29 अक्टूबर 2025 को राजस्थान हाईकोर्ट में आसाराम की सजा स्थगन और मेडिकल ग्राउंड पर जमानत की याचिका पर सुनवाई हुई थी। आसाराम की ओर से दिल्ली से आए सीनियर एडवोकेट देवदत्त कामत ने पैरवी की।
राजस्थान सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल (एएजी) दीपक चौधरी ने दलील रखीं। पीड़िता की ओर से एडवोकेट पीसी सोलंकी ने पैरवी की। सभी पक्षों को सुनने के बाद बेंच ने 6 महीने की जमानत दी है।
इसके पहले 27 अगस्त को जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने आसाराम की अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका खारिज कर दी थी।
कोर्ट ने अहमदाबाद के सरकारी अस्पताल के मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर याचिका खारिज की थी।