
छापेमारी में करीब सात करोड़ नकद, 1.50 किलोग्राम सोने-चांदी के आभूषण, अचल संपत्तियों के दस्तावेज, दो लग्जरी कारों की चाबियां, 22 लग्जरी घड़ियां, 40 लीटर विदेशी शराब, एक पिस्तौल, एक रिवॉल्वर, एक एयरगन और गोला-बारूद बरामद किया गया है।

बताते हैं, भुल्लर और उनके कथित बिचौलिए कृष्नु को गुरुवार देर रात सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। दोनों को शुक्रवार को चंडीगढ़ की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पेशी के दौरान भुल्लर ने अपना चेहरा रुमाल से ढक रखा था, जिस पर जज ने कहा, “रुमाल हटाइए, कोर्ट में चेहरा नहीं छिपाया जाता।”
उसके बाद मीडिया से बातचीत में भुल्लर ने सिर्फ इतना कहा, “कोर्ट इंसाफ करेगा।”

सीबीआई की कार्रवाई का सिलसिला उस वक्त शुरू हुआ जब मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप कारोबारी आकाश बत्ता ने शिकायत की कि डीआईजी भुल्लर ने 2023 के एक पुराने मामले में फर्जी बिल-बिल्टी के आरोप में चालान पेश करने की धमकी देकर 8 लाख रुपये रिश्वत मांगी थी। सीबीआई ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए गुरुवार को कृष्नु को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा, जिसके बाद टीम ने डीआईजी भुल्लर को भी मोहाली ऑफिस में रिश्वत की रकम लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।

विभागीय और सतर्कता टीम इस पूरे मामले की जांच कर रही है। आगे की कार्रवाई के तहत बरामद संपत्तियों और बैंक खातों की जांच की जाएगी।