मुंबई : गुजरात पुलिस की वडोदरा क्राइम ब्रांच ने नवजात बच्चों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान महज आठ दिन के एक नवजात शिशु को सुरक्षित बरामद किया गया। जांच में सामने आया कि गिरोह गुजरात से नवजात बच्चों को अवैध रूप से खरीदकर मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में ऊंची कीमत पर बेचता था।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस हिमांशु कुमार वर्मा ने बताया कि, ‘इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मनोज, वीना, दलपत रावल, सुनील रावल, नागिन, श्रवण परमार और लक्ष्मण के तौर पर हुई है। एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मेहसाना जिले के निवासी मनोज रावल (38) और उनकी पत्नी वीना रावल (32) को हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को झांसे में लेकर या अन्य अवैध तरीकों से नवजात बच्चों को हासिल करता था। इसके बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर बच्चों को दूसरे राज्यों में पहुंचाया जाता था। इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि गिरोह कितने समय से सक्रिय था, अब तक कितने बच्चों की तस्करी की जा चुकी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं, इसलिए मामले की जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। बरामद नवजात को फिलहाल बाल कल्याण समिति (CWC) की देखरेख में सुरक्षित रखा गया है।