
जे.पी. नड्डा से हुई बातचीत
दिनभर के घटनाक्रम के बीच सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल सौरभ दास और ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। बैठक के बाद पार्टी प्रवक्ताओं ने दावा किया कि सरकार ने पहली बार उनकी बात गंभीरता से सुनी है और संवाद का रास्ता खुला है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल बातचीत से आंदोलन समाप्त नहीं होगा और जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, प्रदर्शन जारी रहेगा।हालांकि, बैठक को लेकर दोनों पक्षों के दावों में अंतर भी सामने आया। सीजेपी का कहना है कि सरकार ने बातचीत के लिए पहल की, जबकि भाजपा की ओर से इस दावे को अलग ढंग से प्रस्तुत किया गया।

सोनम वांगचुक का संदेश
स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आंदोलनकारियों से संयम बनाए रखने की अपील की। उनके अनुरोध पर सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी, लेकिन संगठन ने कहा कि आंदोलन और जनजागरण अभियान पहले की तरह जारी रहेगा।
पुलिस और विपक्ष आमने-सामने
दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने और पथराव करने की कोशिश की, जिसके बाद बल प्रयोग करना पड़ा। दूसरी ओर, सीजेपी और विपक्षी दलों ने पुलिस पर अनावश्यक बल प्रयोग का आरोप लगाया और इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने की कोशिश बताया।
आगे की रणनीति
सीजेपी ने घोषणा की है कि यदि सरकार उनकी प्रमुख मांगों—परीक्षा प्रणाली में सुधार, कथित पेपर लीक मामलों की जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता—पर ठोस कदम नहीं उठाती है, तो आंदोलन को देशभर में और व्यापक किया जाएगा। संगठन ने कहा कि बातचीत का स्वागत है, लेकिन समाधान केवल लिखित और ठोस निर्णय से ही माना जाएगा।