नई दिल्ली : जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षाविद् और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत 12 जुलाई को और बिगड़ गई। डॉक्टरों के अनुसार उनका ब्लड प्रेशर 104/66 mm Hg रह गया है और भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से उनका 7.8 किलोग्राम वजन कम हो चुका है। CJP संस्थापक अभिषेक दिपके द्वारा साझा किए गए वीडियो में वांगचुक काफी कमजोर दिखाई दिए।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रविवार को 23वें दिन में पहुंच गया, जबकि वांगचुक 28 जून से आंदोलन में शामिल होने के बाद लगातार 15वें दिन भूख हड़ताल पर हैं। प्रदर्शन में समर्थन जताने के लिए केरल की पूर्व मंत्री केके शैलजा, केएन बालगोपाल, पी. राजीव और समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज के शामिल होने की संभावना है।
दिन का समापन अर्थशास्त्री जयती घोष के “The Economics of Unemployment” विषय पर सार्वजनिक व्याख्यान से होगा, जिसमें युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी पर चर्चा की जाएगी। वहीं AISA से जुड़े नेहा, मनीष, दीपक कुमार वर्मा और आमीन भी अलग मंच पर अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं।
शनिवार को वांगचुक ने लोगों से अपील की कि वे किसी को हीरो बनाने के बजाय स्वयं अपनी जिम्मेदारियां निभाएं। उन्होंने 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने का भी आह्वान किया।
CJP परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रभावित छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहा है। संगठन ने मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान किया है।