व्हाट्सऐप पर फर्जी ‘डायरेक्टर’ बनकर 10.40 करोड़ की ठगी, छह आरोपी गिरफ्तार

मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, 5.63 करोड़ रुपये फ्रीज; सोना खरीदकर ठिकाने लगा रहे थे रकम

मुंबई : एक निजी कंपनी के बैंक खाते से व्हाट्सऐप पर कंपनी के निदेशक (डायरेक्टर) की फर्जी पहचान बनाकर 10.40 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी गई राशि में से 5.63 करोड़ रुपये बैंक खातों में फ्रीज करा दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, 63 वर्षीय कंपनी अधिकारी ने 16 जून को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 3 जून से 15 जून के बीच एक व्यक्ति ने व्हाट्सऐप पर कंपनी के डायरेक्टर की फोटो और पहचान का इस्तेमाल करते हुए खुद को उनका वरिष्ठ अधिकारी बताया। उसने लगातार यह कहकर पैसे ट्रांसफर करवाए कि कंपनी के जरूरी व्यावसायिक कार्यों के लिए तत्काल भुगतान करना है। अधिकारी ने संदेशों पर भरोसा करते हुए कंपनी के खाते से 63 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 10.40 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों में भेज दिए।
जांच के दौरान मुंबई क्राइम ब्रांच ने बैंक खातों और धन के लेन-देन की कड़ी को खंगाला। इसके बाद महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार में छापेमारी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में विकास उपेंद्र बिंद (22) को तिहाड़ जेल से हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, उसके खाते में लगभग 9.90 लाख रुपये जमा किए गए थे। उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह ठगी की रकम को छिपाने के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और महाराष्ट्र के विभिन्न ज्वेलरी शोरूम से सोना खरीद रहा था। पुलिस का मानना है कि इस तरीके से धन को वैध दिखाने की कोशिश की जा रही थी। मामले में कई बैंक खाताधारकों और धन के तत्काल संचालकों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मुंबई क्राइम ब्रांच की टीमें अब उत्तर प्रदेश और बिहार में सक्रिय अन्य आरोपियों तथा गिरोह के सरगना की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने लोगों और कंपनियों से अपील की है कि किसी भी वित्तीय निर्देश पर केवल व्हाट्सऐप संदेश के आधार पर भरोसा न करें और बड़ी रकम ट्रांसफर करने से पहले संबंधित अधिकारी से आधिकारिक माध्यम से पुष्टि अवश्य करें।

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