मुंबई : मुंबई के पायधुनी इलाके में बिरयानी और तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के मामले एक नया खुलासा हो रहा है। खुलासा यह हो रहा है कि चारों की मौत चूहा मारने वाली दवा खाने से भी हो सकती है। जांच में उनके शवों में चूहा मारने वाली दवा ‘जिंक फास्फाइड’ के अंश पाए गए हैं। जिंक फास्फाइड एक ऐसा रसायन है जिसका इस्तेमाल आमतौर पर चूहे मारने वाले जहर में किया जाता है। अब, पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या परिवार के सदस्यों ने खुद ही अपने खाने में चूहे मारने वाला जहर मिलाया था, या फिर इसमें किसी और की साजिश शामिल थी।
शुरुआत में लोग यह कह रहे थे कि उन सभी की मौत केमिकल लगे मिलावटी तरबूज खाने से हुई थी। इसके बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने तरबूजों का निरीक्षण किया। इससे यह पूरी तरह से स्पष्ट हो गया कि उनमें किसी भी तरह की मिलावट नहीं थी। इसके बाद इस मामले से जुड़ी फोरेंसिक रिपोर्ट 7 मई को प्राप्त हुई। चारों के शवों में जिंक फास्फाइड के अंश पाए गए। यह रसायन चूहे मारने वाले जहर का एक मुख्य घटक है।
उसके बाद कलिना स्थित फोरेंसिक प्रयोगशाला में कई तरह के परीक्षण किए गए। कलीना लैब में किए गए टेस्ट की वजह से ही आखिरकार इस मामले में एक बड़ी सफलता मिली।
अब सवाल यह है कि क्या उस परिवार ने खुद खाने में जहर मिलाई या किसी और ने साजिश की है।