दरअसल, केंद्र सरकार ने एक फैसला लेते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए आवंटन 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर देने का निर्देश दिया था। इसी के तहत आज कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की कुछ आपूर्ति हुई है।
आज कुछ रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, इंडस्ट्रियल कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग और डेयरी यूनिट्स को भी कमर्शियल गैस सिलिंडर मिला है। इससे रेस्टोरेंट, होटल, ढाबे, इंडस्ट्रियल कैंटीन वालों ने भी राहत की सांस ली है।

बता दें कि पेट्रोलियम मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर इस संबंध में जानकारी दी थी कि 23 मार्च से कमर्शियल गैस सिलिंडर का आवंटन 50 प्रतिशत कर दिया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अतिरिक्त एलपीजी उन क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा, जहां इसकी मांग और आवश्यकता अधिक है। इनमें रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, इंडस्ट्रियल कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग और डेयरी यूनिट्स शामिल हैं।
राज्य सरकार या स्थानीय निकाय द्वारा संचालित सब्सिडी वाले कैंटीन और आउटलेट्स, कम्युनिटी किचन, प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर (FTL) भी इस प्राथमिकता सूची में शामिल हैं। सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि एलपीजी के वितरण में किसी प्रकार की गड़बड़ी या डायवर्जन न हो, इसके लिए सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाए। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति में अनिश्चितता बनी हुई है और कई क्षेत्रों में ईंधन की मांग बढ़ी है।