मुंबई : मुंबई क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय साइबर अपराध से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को संदेह है कि इस नेटवर्क के जरिए देशभर में ₹350 करोड़ से अधिक की साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी रकम का लेन-देन किया गया। मामले की जांच क्राइम ब्रांच की यूनिट-5 कर रही है।
पुलिस के अनुसार शुरुआती कार्रवाई में मुंबई से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के आधार पर जांच टीम गोवा पहुंची, जहां वारका इलाके के एक लग्जरी रिसॉर्ट के विला से सात अन्य आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए ये आरोपी मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं।

जांच में कथित तौर पर सामने आया कि साइबर ठगी से हासिल रकम को तेजी से अलग-अलग बैंक खातों में भेजने के लिए गिरोह ने एक विशेष बैंकिंग ऐप तैयार किया था। इस व्यवस्था के जरिए ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए जाने का आरोप है।
गोवा में की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 59 मोबाइल फोन, 19 सिम कार्ड, नौ लैपटॉप, 51 एटीएम कार्ड और 12 पासबुक जब्त किए। जांच में करीब 2,898 फर्जी सिम कार्ड के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। पुलिस अब इन सिम कार्ड और बैंक खातों के जरिए पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
इससे पहले क्राइम ब्रांच ने इसी नेटवर्क से जुड़े कथित म्यूल बैंक खातों की जांच के दौरान बड़ी संख्या में बैंक दस्तावेज, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए थे। एक अन्य जांच में पुलिस ने ऐसे खातों में करीब ₹24 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन की भी पड़ताल की थी।
पुलिस को संदेह है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल ओटीपी फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, नौकरी और निवेश से जुड़ी ऑनलाइन ठगी जैसी साइबर धोखाधड़ी में किया गया हो सकता है। जांच एजेंसियां अब कथित मुख्य सूत्रधारों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।