पुणे: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षा प्रक्रिया में कथित पेपर लीक, अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने पुणे में
‘विद्यार्थी आक्रोश मार्च’ निकाला। मार्च
ओंकारेश्वर मंदिर चौक से शुरू होकर पुणे जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने एमपीएससी के कामकाज और विभिन्न परीक्षाओं की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में
एमपीएससी के अध्यक्ष विवेक भीमनवार और सचिव के इस्तीफे के साथ उनकी जगह स्वच्छ छवि वाले अधिकारियों की नियुक्ति शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक और संदिग्ध परीक्षाओं का फॉरेंसिक ऑडिट कराने तथा पूर्व में हुई परीक्षाओं की भी जांच की मांग रखी।

अभ्यर्थियों ने विशेष रूप से ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक के मामले को लेकर नाराजगी जताई। इस मामले के सामने आने के बाद एमपीएससी ने अगस्त में संबंधित भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी थी। छात्रों का कहना है कि वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा में इस तरह की गड़बड़ी उनके भविष्य को प्रभावित करती है। प्रदर्शनकारियों ने आयोग से पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और लंबित शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

मोर्चे में कई राजनीतिक नेताओं ने भी अभ्यर्थियों का समर्थन किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों के जुटने से पुणे के जिला कलेक्ट्रेट और आसपास के इलाकों में यातायात भी प्रभावित हुआ।