नेपाल में भीषण बाढ़ से तबाही, 95 से ज्यादा मौतें; सैकड़ों लापता

काठमांडू/रसुवा : नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। सबसे ज्यादा असर नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के आसपास हुआ है। बाढ़ के तेज बहाव में घर, सड़कें, पुल, वाहन और बिजली परियोजनाएं बह गईं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक कम से कम 95 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं। राहत एवं बचाव अभियान जारी है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

384 पर्यटकों के लापता होने की शुरुआती सूचना ने चिंता और बढ़ा दी है। इनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए गए हैं। कई विदेशी पर्यटक और तीर्थयात्री तिब्बत के कैलाश-मानसरोवर मार्ग पर थे। हालांकि अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में अंतर है और लापता लोगों की संख्या लगातार अपडेट हो रही है।

अचानक आया सैलाब, कई इलाके कटे

बताया जा रहा है कि सीमा के पास भूस्खलन, बर्फ/चट्टानों के बड़े पैमाने पर खिसकने और संभावित ग्लेशियल घटना के कारण नदी में अचानक पानी का जबरदस्त उफान आया। शुरुआती जांच में 4.4 तीव्रता के भूकंप के बाद हुए मलबे के नदी में गिरने को भी संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि बाढ़ की सटीक वजह की जांच जारी है।
बाढ़ ने तिमुरे और स्याफ्रूबेसी समेत कई क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। सड़कें और पुल टूटने से प्रभावित इलाकों तक राहत पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। कई पनबिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है।

हेलीकॉप्टरों से रेस्क्यू ऑपरेशन

नेपाल सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया है। हेलीकॉप्टरों और ड्रोन की मदद से प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। अब तक 100 से ज्यादा लोगों को बचाए जाने की जानकारी सामने आई है, लेकिन लगातार बढ़ता जलस्तर और क्षतिग्रस्त सड़कें अभियान में बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

भारत में भी अलर्ट: नेपाल में आई इस तबाही के बाद उत्तर भारत के सीमावर्ती इलाकों, खासकर बिहार और उत्तर प्रदेश, में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।

तस्वीरें : internet से साभार।

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